पलवली गांव में पांच लोगों की हत्या के बाद बुधवार को पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मनोहर सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। उन्होेंने कहा कि इस नरसंहार ने कानून व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है।
पलवली : पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे पूर्व सीएम, सरकार पर किया हमला
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प्रदेश में सुरक्षातंत्र लाचार हो गया है और गुंडा तत्व हावी है। सरेआम पांच लोगों की हत्या कर दी गई, लेकिन तीन दिन बाद भी मुख्यमंत्री तो दूर सरकार का कोई प्रतिनिधि पीड़ित परिवारों का हालचाल पूछने तक नहीं आया।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि पूरा नरसंहार राजनीतिक संरक्षण में हुआ है, क्योंकि स्थानीय सांसद कृष्णपाल गुर्जर वारदात के बाद आरोपी से मिलने अस्पताल तो चले गए, लेकिन मृतक के परिजनों से मिलने का उनके पास समय तक नहीं है।
ग्रामीणों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। हुड्डा ने कहा कि समाज में ऐसे जघन्य अपराध करने वालों के कोई स्थान नहीं हैं, सरकार को तुरंत सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दोषियों को सलाखों के पीछे भेज देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के सदस्यों को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देना सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
विधायक ललित नागर ने कहा कि वारदात की रात पीड़ित परिजन मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन पुलिस काफी देरी से पहुंची जो बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। इस मौके पर पूर्व मंत्री करण दलाल, शिवचरण लाल शर्मा, खुर्शीद अहमद, पूर्व लोकसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा, लखन सिंगला, विजय प्रताप, रतिराम, अब्दुल गफ्फार, मेहताब सिंह, युवा कांगे्रस के अध्यक्ष तरुण तेवतिया सहित कई कांगे्रसी नेता मौजूद थे।