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अनाज मंडी अग्निकांडः प्रशासन को दूसरे हादसे का इंतजार, सबूत है अमर उजाला की यह रिपोर्ट

Wed, 11 Dec 2019 01:27 AM IST
Vikas Kumar आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 11 Dec 2019 01:27 AM IST
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Even after the incident there was no action on any illegal factory running in anaj mandi
घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

अकेले अनाज मंडी इलाके में ही करीब आठ सौ अवैध फैक्टरियां चल रही हैं। इलाके के लोगों से लेकर जिम्मेदार महकमों और अधिकारियों तक को इसकी बखूबी जानकारी है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि जब सबको पता है तो अब तक इन अवैध फैक्टरियों पर छापेमारी क्यों नहीं की जा रही है। 

Even after the incident there was no action on any illegal factory running in anaj mandi
घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

‘अमर उजाला’ ने मंगलवार को इस इलाके की संकरी गलियों में घूमकर जानने की कोशिश की कि किसी फैक्टरी में कोई कार्रवाई हुई है या नहीं। हर जगह से यही पता चला कि फिलहाल तो काम बंद है, लेकिन कहीं कोई छापेमारी नहीं हुई है।

Even after the incident there was no action on any illegal factory running in anaj mandi
घटनास्थल के सामने मौजूद एक अन्य अवैध फैक्टरी - फोटो : Amar Ujala

रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी इलाका उत्तरी एमसीडी के अंतर्गत है। यहां कोई अवैध फैक्टरी न चलने देने की जिम्मेदारी भी एमसीडी की ही है। इन रिहायशी इलाकों में चल रही फैक्टरियों में बीएसईएस ने कैसे बिजली के कनेक्शन लगा दिए? क्या कमर्शियल मीटर लगाने से पहले इनके लाइसेंसों या अन्य कागजात की जांच नहीं की? 
 

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Even after the incident there was no action on any illegal factory running in anaj mandi
जांच करते पुलिस कर्मी - फोटो : अमर उजाला

दूसरी ओर, इन फैक्टरियों में बड़ी संख्या में नाबालिगों से काम कराया जा रहा है। इन फैक्टरी में मजदूरों से किन हालात में काम कराया जा रहा था, यह देखना दिल्ली सरकार के श्रम विभाग की जिम्मेदारी है। तो क्या श्रम विभाग भी ऐसे हादसे का इंतजार कर रहा था? इन कमर्शियल बिल्डिंगों में आग से बचाव के कोई इंतजाम थे भी या नही, यह दमकल विभाग को देखना होता है। लेकिन सब अपनी-अपनी जिम्मेदारियों से बचते हैं। पुलिस भी पीछे नहीं है। बीट स्टाफ को सब पता होता है कि कहां क्या गड़बड़झाला चल रहा है, लेकिन वे भी अपना हिस्सा लेकर जुबान पर ताला लगा लेते हैं।

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Even after the incident there was no action on any illegal factory running in anaj mandi
घटनास्थल पर मौजूद जांच टीम - फोटो : अमर उजाला

हादसे के 72 घंटे बाद भी किसी भी जिम्मेदार महकमे ने किसी भी फैक्टरी के खिलाफ कोई छापेमारी नहीं की। सोमवार को उत्तरी एमसीडी की आयुक्त वर्षा जोशी ने घटनास्थल का दौरा किया। अब एमसीडी ऐसी अवैध फैक्टरियों के खिलाफ कोई अभियान चलाएगी या नहीं, इस पर उन्होंने मीडिया को कोई जवाब नहीं दिया। एमसीडी को छोड़कर ज्यादातर सिविक एजेंसियों का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद ही वह आगे कोई कार्रवाई करेंगे।

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