ईद एक ऐसा त्योहार पर हर मस्जिद और ईदगाह में रौनक देखने लायक होती है। लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते इस बार जैसी ईद की तस्वीरें दिल्ली के जामा मस्जिद समेत पूरे देश से आईं वह बेहद कुछ मायूस जरूर करती हैं। वो जगहें जहां नमाजियों का मेला लगा होता था, वहां कुछ लोग ही नजर आए। इससे अंदाजा इससे स्थिति की गंभीरता और लोगों की समझदारी का अंदाजा लगाया जा सकता है। हम अपनी स्टोरी में आपके लिए कुछ ऐसी ही तस्वीरें लाए हैं जो आपको बीते सालों की और इस साल की ईद में अंतर दिखाएंगी। देखें कैसे लोगों ने लॉकडाउन का शिद्दत से पालन किया और अपने घरों में ही नमाज पढ़ी...
दिल्लीः कभी नहीं देखी होगी ईद पर जामा मस्जिद की ऐसी तस्वीर, हर ओर सन्नाटा लोगों ने घरों में पढ़ी नमाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस की अपील आई काम, ईद की नमाज घरों में की अदा
लॉकडाउन में सोमवार को ईद-उल-फितर के त्योहार पर पुलिस की अपील कारगर साबित हुई। ईद पर मस्जिद में न जाकर लोगों ने घरों में ही नमाज अदा कर एक-दूसरे से खुशियां बांटी। पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए दिल्ली पुलिस सुबह सात बजे से ही सभी जिलों में गश्त पर निकल गई थी।
संकरी गलियों में सख्ती के लिए थानों की फोर्स पैदल ही गश्त कर रही थी। जबकि जामा मस्जिद और पूर्वी दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में ड्रोन से नजर रखी गई। इस ईद पर पुलिस का एक अलग चेहरा देखने को मिला। पुलिस ने लॉकडाउन का पालन कराने के साथ-साथ लोगों को मिठाई बांटकर त्यौहार की खुशियां बांटी।
घरों में नमाज अदा करने के लिए पुलिस कई दिनों से मस्जिदों के इमाम से अपील भी करवा रही थी। जिस जामा मस्जिद पर हर साल ईद पर सैकड़ों की भीड़ नजर आती है वहां इस दफा सन्नाटा पसरा रहा। एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात दिखे। पुलिस का कहना था कि त्योहार के साथ-साथ कोरोना वायरस से बचने की भी जरूरत है। वहीं पूर्वी दिल्ली में पुलिस ने लोगों खाद्य सामग्री मुहैया करवाई। जाफराबाद, सीलमपुर, मौजपुर, मुस्तफाबाद सहित दूसरे अन्य इलाकों में पुलिस की चौकसी अधिक दिखी।
ईद के मौके पर लोगों ने घरों में रहकर एक दूसरे को मोबाइल से वीडियो कॉल बधाई दी। वीडियो कॉल की मदद से खुशियों को बांटने का प्रयास किया। रिश्तेदारों के घर जाने के बजाए फोन पर ही बधाई देकर लॉकडाउन के नियम का पूरा पालन किया। हालांकि कुछ इक्का-दुक्का इलाके में लोगों की भीड़ एकत्र होने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी देकर उन्हें छोड़ भी दिया।