दिल्ली समेत समस्त एनसीआर क्षेत्र को जाम से निजात दिलाने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को जल्द ही खोला जाना है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बीच अब दिनरात युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।
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Eastern Peripheral Expressway
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के सीनियर अधिकारी प्रतिदिन निर्माण कार्य का जायजा ले रहे हैं। चुनौती 25 मई तक निर्माण कार्य पूरा करने की है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मई को बागपत में एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे।
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eastern peripheral expressway
हरियाणा के सोनीपत से शुरू होकर बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद के रास्ते पलवल तक जाने वाले 132.085 किमी के एक्सप्रेस-वे को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत जून से पहले खोला जाना है। ऐसे में प्रधानमंत्री का उद्घाटन के लिए कार्यक्रम तय हो गया है। चुनौती अब एनएचएआई के सामने है, जिसे पीएम के कार्यक्रम से पहले काम पूरा करना है। ऐसे में 25 मई की समय सीमा तय की गई है।
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बागपत के मवीकला गांव स्थित हाईवे पर निर्माणाधीन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
निर्माण में लगीं पांचों कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मुख्य एक्सप्रेस-वे हर हाल में वाहनों के आवागमन के लिए निर्धारित तिथि तक तैयार हो जाना चाहिए। डासना में टोल प्लाजा व मुख्य रोड पर डिवाइड बनने का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। करीब 10 फीसदी काम शेष है, जिसे आने वाले पांच दिनों में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। उधर, दुहाई में लूप बनकर तैयार है। टोल बूथ पर थोड़ा बहुत काम बचा है। लेकिन असल चुनौती बागपत में शामिल रेल मार्ग पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) को पूरा करने की है।
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भले ही दावा समय सीमा में पूरा करने का किया जा रहा है, लेकिन यह काम अभी लंबा खिंच सकता है। सूत्रों का दावा है कि शुरुआत में एक्सप्रेस-वे को एक तरफ से खोले जाने की तैयारी है। उसके बाद जून के मध्य तक दूसरी साइड को शुरू कर दिया जाएगा। उधर, पलवल से नोएडा तक के हिस्से को भी दोनों साइड से खोला जा सकता है। क्योंकि एक्सप्रेस-वे की मुख्य लेन (सड़क) तैयार हो चुकी है।