मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मौखिक निर्देश है कि आबादी से 2 किलोमीटर दूर ही डंपिंग ग्राउंड बनाना चाहिए, इसका पालन करने के लिए मंगलवार को इंदिरा गांधी कला केंद्र में आंदोलनकारी, प्राधिकरण अधिकारी व केंद्रीय मंत्री सांसद व विधायक की डेढ़ घंटे तक बैठक हुई। प्राधिकरण ने प्रेजेंटेशन करके लोगों को समझाने का प्रयास किया कि डंपिंग ग्राउंड नई तकनीकी से बनेगा। इस पर लोग भड़क गए और कहा कि सीएम के आदेश का पालन करो। इस पर प्राधिकरण की तरफ से कहा गया कि उनके पास सीएम का कोई लिखित आदेश नहीं है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को खूब मनाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। मौके पर सांसद केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा व विधायक पंकज सिंह ने भी अपनी बात रखी। करीब डेढ़ घंटे तब खूब तर्क वितर्क हुए लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। तय हुआ कि 11 सदस्यीय टीम बनेगी, जो समय-समय पर बैठक करके कोई संतोषजनक हल खोजने का प्रयास करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस संबंध में वह सीएम योगी आदित्यनाथ से बात करेंगे। ।
डंपिंग ग्राउंड: सीएम के आदेश पर हुई बैठक रही बेनतीजा, सांसद-विधायक नहीं खोज पाए रास्ता
बैठक में कोई हल न निकलने पर डंपिंग ग्राउंड संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधि मंडल आज पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने दिल्ली जाएगा। समिति की तरफ से जितेंद्र यादव, सूबे यादव, सुखवीर खलीफा, राघवेंद्र दुबे, ओमवीर यादव, राजेंद्र यादव, परविंदर यादव, तरन ढींगरा, अनुपम ओबेराय, इंदर ठेकेदार, राजेंद्र यादव, रवि यादव, विजय यादव, धर्मपाल प्रधान सहित तमाम लोग मौजूद रहे। बैठक में सीईओ आलोक टंडन, एसएसपी डॉ.अजयपाल शर्मा, एसीईओ आर के मिश्रा, आरएस यादव, ओएसडी राजेश कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र प्रताप सिंह, एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह सहित तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे।
महिलाओं व बच्चों ने संभाली पंचायत की कमान
सेक्टर-123 स्थित डंपिंग ग्राउंड में मंगलवार को महिलाएं, छोटे बच्चे समेत सैकड़ों की संख्या में लोग पंचायत स्थल पहुंचे। यहां पंचायत में महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में बैनर लिए थे। जिसमें उनके भविष्य का हाल साफ लिखा था। महिलाओं ने कहा कि गिरफ्तारी दे सकती है लेकिन सेक्टर-123 में डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने देंगी।
आपके हक के लिए लड़ता रहूंगा : महेश शर्मा
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि डंपिंग ग्राउंड एनजीटी के आदेश पर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने सांसद बनाया। केंद्रीय मंत्री भी हूं लेकिन आंदोलन कर रहे लोगों ने खूब भला बुरा कहा है। गधे पर भी बैठाकर घुमाया गया। इतना करने के बाद भी कहा कि मैं आपका जनप्रतिनिधि हूं। आपके हक के लिए सदैव लड़ता रहूंगा।
प्राधिकरण कोई जवाब ही नहीं देता: सूबे यादव
डंपिंग ग्राउंड संघर्ष समिति के नेता सूबे यादव ने बताया कि बैठक में यह बात भी रखी कि पिछले दिनों प्राधिकरण के अधिकारियों से मिले थे। सवाल पूछा था कि जब अस्तौली में डंपिंग ग्राउंड का फैसला पूर्ण रूप से हो गया था तो अब सेक्टर-123 में क्यों बनाया जा रहा। लेकिन किसी का अभी तक जवाब नहीं मिला है। इस बाबत डीएम से भी मुलाकात कर सवाल किए थे, तब उन्होंने कहा था कि वह प्राधिकरण को चिट्ठी लिख जवाब मांग लेंगे, उनका भी इंतजार हो रहा है। चूंकि एनजीटी ने कहा था कि आप अपनी बात प्राधिकरण में रख सकते थे। प्राधिकरण कोई न तो कोई बात सुनता है और न ही जवाब देता है। यह सभी बातें एनजीटी में जाकर रखने की तैयारी की जा रही है।