क्रिसमस डे पर मजेंटा लाइन के खुलने से पहले डीएमआरसी की ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन डिपो में डिरेल हो गई। मंगलवार दोपहर बाद मजेंटा लाइन पर बने कालिंदी कुंज डिपो में एक नई ट्रेन डिपो का दीवार तोड़ते हुए बाहर आ गई।
हालांकि किसी के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इस हादसे से लाइन के खुलने से पहले सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्योंकि पहली बार मेट्रो में ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन तकनीकी कम्युनिकेशन बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम (सीबीएसटी) का प्रयोग किया जा रहा है। वह भी तब जब इस लाइन के पहले सेक्शन का 25 दिसंबर को उद्घाटन करने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंच रहे हैं।
डीएमआरसी के मुताबिक, हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3:40 बजे हुआ। मेट्रो ट्रेन को धुलाई के लिए डिपो में ही बने रैंप पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वह रैंप पर जाते समय पीछे की तरफ चलने लगी।
पीछे की तरफ जाने के दौरान उसका ब्रेक नहीं लगा, जिससे वह डिपो का दीवार तोड़ते हुए बाहर निकल गई। इस घटना में किसी को भी चोट नहीं आई है। मेट्रो ट्रेन को नुकसान पहुंचा है। डीएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल के मुताबिक जब ट्रेन को जांच के लिए वर्कशॉप में ले जाया जाता है तो ब्रेक अलग करके चेक किया जाता है। यह रूटीन प्रक्रिया है।
ट्रेन की जांच के बाद धुलाई के लिए ले जाया गया, लेकिन वहां ले जाने से पहले ब्रेक की दोबारा जांच नहीं की गई। धुलाई के लिए रैंप पर ले जाते समय पीछे की तरफ ढलाव था और ट्रेन का ब्रेक काम नहीं कर रहा था तो इसलिए वह डिपो की दीवार तोड़कर बाहर आ गई।