अपने-अपने रीति रिवाजों से पूरा देश मकर संक्रांति का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाता है। इस पर्व पर स्नान और दान का अपना ही महत्व है। कहते हैं कि इस पर्व पर किया गया दान कभी खाली नहीं जाता और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला होता है। विशेष बात ये है कि दान किस चीज का, किसे और कब दिया जा रहा है ये भी बहुत महत्वपूर्ण है। अगर सही व्यक्ति को दान ना दिया जाए तो उसका उचित फल नहीं मिलता। भगवान कृष्ण ने भी कहा है कि दान योग्य व्यक्ति को ही देना चाहिए अन्यथा उसका कोई मतलब नहीं होता।
हम बात कर रहे हैं उत्तरायण यानी मकर संक्रांति पर दिये जाने वाले दान की कर रहे हैं तो इसका भी अपना अलग महत्व है। साल की 12 संक्रांतियों में सबसे प्रमुख मकर संक्रांति पर लोग बड़ी संख्या में गंगा स्नान और दान करते हैं। इस दिन क्या, किसे और कैसे दान करना चाहिए यह जानना बहुत जरूरी है।
बता दें कि इस बार सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 1 बजकर 47 पर मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसलिए उस दिन सूर्यास्त तक पुण्यकाल रहेगा यानी आप सूर्यास्त तक दान-स्नान कर सकते हैं। इसके साथ ही इस बार 15 जनवरी के दोपहर 12 बजे तक स्नान और दान के लिए उत्तम समय है। तो इन दोनों दिनों में आप स्नान और दान कर सकते हैं। आगे जानिए क्या है वो खास चीज जो करनी है दान...
शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति पर जिस एक चीज को करने से सबसे ज्यादा पुण्य और लाभ मिलता है वो है काले तिल का लड्डू। कहा जाता है कि कुछ दान ना करो बस काले तिल का लड्डू दान कर दो तो आपके सुख-समृद्धि में अपार वृद्धि होगी। लेकिन सबसे खास बात ये है कि इसे किसी ब्राह्मण को ही दान दें। किसी भिखारी या गरीब को भी दान कर सकते हैं लेकिन ब्राह्मण को दान करने के बाद। संभव हो तो चांदी की धातु में काले तिल का लड्डू रखकर ब्राह्मण को दान करें।
मात्र काले तिल के लड्डू के दान से आपकी गृहस्थी खुशहाल होगी और धन-धान्य में वृद्धि भी होती है। इसके अलावा अपनी श्रद्धा के अनुसार आप जो भी दान करना चाहें कर सकते हैं।