नोटबंदी के बाद जंहा कैश की जगह लोगों में डेबिट और क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा है वहीं, इसका एक खतरनाक पक्ष भी अब तेजी से सामने आने लगा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश की राजधानी दिल्ली में ही हर महीने 15 कार्डों (डेबिट या क्रेडिट)की क्लोनिंग के मामले सामने आए हैं।
कार्ड इस्तेमाल करने वालों के आंकड़ें गिनवा रही सरकार: नोटबंदी के बाद सरकार डेबिट और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल करने वालों की संख्या में हुई बढ़ोतरी का श्रेय ले रही है लेकिन, इसके सुरक्षित इस्तेमाल पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
क्लोनिंग के जरिये कर्मचारी ने कार्ड से उड़ाये 6 लाख: कुछ समय पहले कनॉट प्लेस के एक कैफे में ग्राहकों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड क्लोनिंग का मामला सामने आया। यहां कर्मचारी ने कार्ड क्लोनिंग कर 6 लाख रुपये उड़ा लिए। बाद में पता चला कि यह कोई नया मामला नहीं है। इस तरह के मामले दिल्ली और बड़े शहरों में आम हो गए हैं।
बाजार में आसानी से उपलब्ध है क्लोनिंग करने वाली मशीन: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कार्ड क्लोनिंग करने वाली मशीनें बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। इनकी कीमत आपको हैरान कर सकती है। लाखों का चूना लगा देने वाली मशीनों की कीमत महज 150 से 200 रुपये भर है। इतनी सस्ती होने की वजह से इसे कोइ भी आसानी से खरीद सकता है।
यूट्युब पर है क्लोनिंग करने के तरीके : इन मशीनों के इस्तेमाल और कार्ड क्लोनिंग करने के तरीके यूट्युब पर उपलब्ध हैं। कोइ भी व्यक्ति मशीन खरीदने के बाद इसके इस्तेमाल करने के तरीके यहां आसानी से सीख सकता है और मिनटों में कार्ड क्लोनिंग कर लाखो की चपत लगा सकता है। पुलिस विभाग को इसकी जानकारी होने के बाद भी इस पर लगाम लगाना मुश्किल हो रहा है।