मध्य दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में बृहस्पतिवार रात एक जर्जर मकान भरभराकर गिर गया। हादसे में जहूर, उसकी बेटी आरिफा और डेढ साल की जरीना जख्मी हो गई। जबकि जहूर के बेटे अमजद की मौत हो गई। हादसे के वक्त उसकी पत्नी बाहर गई हुई थी। लौटने पर जब मकान गिरा देखा तो उसके होश फाख्ता हो गए। बदहवासी में उसने परिवार को निकालने के लिए मलबे को टटोलना शुरू कर दिया। यह देख वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। इस दौरान मलबे में जब उसने अपने बेटे अमजद को खून से लथपथ देखा तो वह बेहोश हो गई। हादसे के बाद पुलिस व दमकल विभाग के अलावा नगर निगम व दूसरी टीमों को भी बुला लिया गया था। मलबा हटाने का काम देर रात तक जारी रहा।
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house collapsed in Paharganj
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक, पहाड़गंज इलाके में विवेक होटल के नजदीक करीब 100 वर्ष से भी पुराना खन्ना सिनेमा हॉल था। जो कई दशकों से बंद है। लेकिन करीब 300 गज क्षेत्र में बने सिनेमा हॉल की जर्जर इमारत में जहूर अपने परिवार के साथ रह रहा था। बृहस्पतिवार रात को वह मकान रात 8.40 बजे अचानक भरभराकर गिर गया। उस समय मकान में जहूर, उसका बेटा अमजद, बेटियां आरिफा और जरीना मौजूद थे।
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सभी मकान के मलबे में दब गए। तेज आवाज हुई तो आसपास के लोग मदद को भागे। बचाव दल को सूचना देने के बाद स्थानीय लोग खुद ही मलबा हटाकर घायलों को निकालने में जुट गए। उस समय जहूर की पत्नी किसी काम से बाहर गई हुई थी। वापस लौटने पर मकान गिरा देखकर वह बदहवास हो उठी और खुद ही मलबा हटाकर परिवार को निकालने का प्रयास करने लगी।
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लोगों ने पुलिस व दमकल विभाग के आने तक इंतजार करने की सलाह दी, लेकिन उसने एक न सुनीं और रोती बिलखती हुई लगातार मलबा हटाने का काम करती रही। थोड़ी ही देर में पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। बचाव दल ने जहीर व उसके तीनों बच्चों अमजद, जरीना और आरिफा को निकाला। मलबे में खून से लथपथ अमजद को देखकर वह बेहोश हो गई। आसपास के लोग बमुश्किल उसे होश में लाए।
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इस बीच पुलिस ने सभी घायलों को अलग अलग अस्पतालों में भर्ती करा दिया। यहां अमजद को मृत घोषित कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना था सिनेमा हॉल की इमारत काफी जर्जर थी। लोगों ने जहूर और उसके परिवार को इस मकान को छोड़ने की सलाह दी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।