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Delhi Weather: पश्चिमी विक्षोभ की कमजोरी से दिल्ली में पहाड़ों से ज्यादा ठंड, आने वाला है सर्दी का दूसरा दौर
Wed, 11 Jan 2023 07:43 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 11 Jan 2023 07:43 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
नए साल की शुरुआत से दिल्ली-एनसीआर की सर्दी अपने तेवर दिखा रही है। बीते नौ दिन तक पारा लगातार न्यूनतम स्तर पर बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर वालों ने दस सालों में सबसे लंबी शीत लहर बीते दस दिनों में झेली है। आलम यह रहा कि शिमला, मसूरी सरीखे पहाड़ पर बसे शहरों से कम तापमान दिल्ली-एनसीआर का रिकॉर्ड किया जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो पहाड़ों से आने वाली हवाओं के दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय मौसमी दशाओं से मिलने के बाद सर्दी ज्यादा मारक साबित हुई है। इन दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर रहना इसको और भी ज्यादा गंभीर बना रहा है। मौसम विभाग के उपमहानिदेशक कुलदीप श्रीवास्तव कहते हैं कि इस मौसम में अभी तक जो पश्चिमी विक्षोभ आए हैं, वह काफी कमजोर रहे हैं।
Cold in Delhi
- फोटो : पीटीआई
इससे नवंबर के बाद से दिल्ली में बारिश नहीं हुई है। वहीं, पहाड़ों से लगातार उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाएं आती रहीं। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने से मौसम में खास उतार-चढ़ाव नहीं आए और सर्दी बढ़ती रही। बादल भी उस तरह से नहीं हैं।
सर्दी का सितम
- फोटो : PTI
वहीं, ठंड के मौसम और घने कोहरे के कारण यहां शीत लहर का ज्यादा असर देखने को मिला। दूसरी तरफ आईआईटी दिल्ली के शोधार्थी आसिफ मुजतबा बताते हैं कि पहाड़ों का मौसम अमूमन साफ रहता है। वहां धूप चटक रहती है जबकि कंक्रीट से ढंके दिल्ली-एनसीआर में नमी के कारण सुबह हल्की धुंध छा जाती है।
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फाइल फोटो
- फोटो : ANI
दिन होते-होते यह धुंध 100-300 मीटर ऊपर उठकर हल्के बादल बना लेती है। ऐसे में जमीन पर तापमान कम ही रहता है और धूल के कण के साथ नमी भी बनी रहती है। आसमान में फैले ये हल्के बादल सूरज की किरणों को धरती तक आने से रोकते हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : ANI
इस वजह से जमीन पर धूप नहीं आ पाती है और तापमान कम हो जाता है। साथ ही ठंड हमेशा बनी रहती है। आसिफ का कहना है कि जो चीज जितनी देर में ठंडी होती है, वह उतनी देर से गरम होती है।