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Delhi NCR News: पुलिस कोर्ट नहीं आ पा रही, न्यायाधीश ने वकील को अवमानना की दी चेतावनी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत में बृहस्पतिवार को वकील और न्यायाधीश के बीच तीखी बहस हो गई। वकील जमानत अर्जी पर जल्द सुनवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन, न्यायाधीश ने इन्कार कर दिया। वजह यह थी कि पुलिस अधिकारी ब्रिक्स समिट की तैयारियों में व्यस्त होने के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो पा रहे थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन मित्तल प्रकाश पनेरू की 30 दिन की अंतरिम जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे। पनेरू ने अर्जी इसलिए दायर की थी क्योंकि उनकी पत्नी गर्भावस्था के आखिरी महीने में हैं।
अदालत ने 9 सितंबर को जांच अधिकारी को जवाब और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था और अगली सुनवाई 16 सितंबर तय की थी। जब वकील ने अगले दिन ही सुनवाई कराने पर जोर दिया तो न्यायाधीश ने कहा कि ज्यादातर पुलिस अधिकारी ब्रिक्स तैयारियों में लगे होने से कोर्ट नहीं आ पा रहे। इसलिए जांच अधिकारी को उचित समय दिया गया है। वकील ने तर्क दिया कि ब्रिक्स समिट मानवीय आधार से बड़ा नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि 11 से 13 सितंबर तक अदालतें बंद रहेंगी, इसलिए पहले सुनवाई संभव नहीं है। वकील ने मामले को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की, जिसे न्यायाधीश ने ठुकरा दिया।
न्यायाधीश ने आदेश में लिखा कि पहली सुनवाई के दौरान वकील का व्यवहार अशिष्ट था और उसमें वकील से अपेक्षित शिष्टाचार की कमी थी। अदालत ने तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन चेतावनी दी कि अगर ऐसा व्यवहार जारी रहा तो अवमानना की कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट को मामला भेजा जा सकता है।
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नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत में बृहस्पतिवार को वकील और न्यायाधीश के बीच तीखी बहस हो गई। वकील जमानत अर्जी पर जल्द सुनवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन, न्यायाधीश ने इन्कार कर दिया। वजह यह थी कि पुलिस अधिकारी ब्रिक्स समिट की तैयारियों में व्यस्त होने के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो पा रहे थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन मित्तल प्रकाश पनेरू की 30 दिन की अंतरिम जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे। पनेरू ने अर्जी इसलिए दायर की थी क्योंकि उनकी पत्नी गर्भावस्था के आखिरी महीने में हैं।
अदालत ने 9 सितंबर को जांच अधिकारी को जवाब और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था और अगली सुनवाई 16 सितंबर तय की थी। जब वकील ने अगले दिन ही सुनवाई कराने पर जोर दिया तो न्यायाधीश ने कहा कि ज्यादातर पुलिस अधिकारी ब्रिक्स तैयारियों में लगे होने से कोर्ट नहीं आ पा रहे। इसलिए जांच अधिकारी को उचित समय दिया गया है। वकील ने तर्क दिया कि ब्रिक्स समिट मानवीय आधार से बड़ा नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि 11 से 13 सितंबर तक अदालतें बंद रहेंगी, इसलिए पहले सुनवाई संभव नहीं है। वकील ने मामले को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की, जिसे न्यायाधीश ने ठुकरा दिया।
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न्यायाधीश ने आदेश में लिखा कि पहली सुनवाई के दौरान वकील का व्यवहार अशिष्ट था और उसमें वकील से अपेक्षित शिष्टाचार की कमी थी। अदालत ने तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन चेतावनी दी कि अगर ऐसा व्यवहार जारी रहा तो अवमानना की कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट को मामला भेजा जा सकता है।
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