दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी गैंग को हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव धनोरा, धौलपुर, राजस्थान निवासी ब्रिजराज उर्फ खैतान (22) और जितेंद्र (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से 16 पिस्टल बरामद की हैं। जेल में बंद अपने गैंग सरगना भगवान दास के कहने पर ब्रिजराज मध्य प्रदेश के खारगोन से हथियार लेकर दिल्ली आया था। यहां उसको यह हथियार काला जठेड़ी गैंग के सदस्य को देने थे। ब्रिजराज ने बताया कि वह दिल्ली-एनसीआर के अलावा यूपी के गैंगस्टरों को भी हथियार सप्लाई करते हैं। पुलिस पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पकड़ा गया 'मौत का सामान': काला जठेड़ी गैंग को हथियार सप्लाई करने वाले दो गिरफ्तार, जेल में बैठे भगवान के इशारे पर होता था काम
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि पिछले काफी समय से देखा जा रहा था कि दिल्ली में वारदातों को अंजाम देने के लिए बदमाश हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे में पुलिस ने इन हथियार तस्करों की जानकारी जुटाना शुरू की। छानबीन के दौरान पता चला कि मध्य प्रदेश के खारगोन, धार, बुरहानपुर व अन्य जगहों से हथियार तस्करी कर दिल्ली-एनसीआर में लाए जा रहे हैं। इन हथियारों को एक खास गिरोह सप्लाई कर रहा है। पुलिस ने गिरोह के लोगों की जानकारी जुटाना शुरू की।
शुक्रवार को टीम को खबर मिली थी कि गिरोह के सदस्य हथियार की एक बड़ी खेप लेकर संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, मोड़, जीटी करनाल रोड पर आने वाले हैं। खबर मिलने के बाद फौरन एक टीम का गठन कर उसे मौके पर तैनात कर दिया गया। इस दौरान शाम करीब चार बजे एक ऑटो से दो युवक उतरे। इन दोनों ने अपनी कमर पर एक बैग टांगा हुआ था।
पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन दोनों को पकड़ लिया गया। बैग की तलाशी लेने पर दोनों के बैग से आठ-आठ पिस्टल बरामद हुईं। पूछताछ में ब्रिजराज ने बताया कि उनका गैंग का सरगना धौलपुर की जेल में बंद है। जेल से उसने हथियारों की खेप लाने के लिए बोला था। उसने यह भी बताया था कि हथियार काला जठेड़ी गैंग को सप्लाई करने हैं। इसके बदले ब्रिजराज और जितेंद्र को अच्छी रकम मिलती थी। इन हथियारों को 20 हजार से 35 हजार के बीच बेच दिया जाता था। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
शादी करने के लिए रुपयों की थी जरूरत, इसलिए बन गया हथियार तस्कर
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ब्रिजराज ने बताया कि दसवीं कक्षा पास करने के बाद उसने राजमिस्त्री का काम शुरू कर दिया। लेकिन वह ज्यादा रुपये कमाना चाहता था। उसे जल्द ही शादी भी करना थी। ऐसे में उसने गलत रास्ता चुन लिया। करीब छह महीने पहले वह प्रशांत नामक युवक के संपर्क में आया, जिसने उसे हथियार तस्करी करने के लिए कहा। बदले में मोटी रकम दिलाने की बात की। प्रशांत ने ही उसे गिरोह के सरगना भगवान दास से मिलवाया। भगवान दास ही गैंगस्टरों से हथियारों का ऑर्डर लेता है। चार महीने पहले भगवान, उसका भाई श्रीकांत और प्रशांत गिरफ्तार हो गए। जेल से ही उसने अब हथियार के ऑर्डर देना शुरू किए। बाद में ब्रिजराज ने अपने दोस्त जितेंद्र को भी अपने साथ हथियार तस्करी में शामिल कर लिया।