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दिल्ली-एनसीआर की हवा में मामूली सुधार, गंभीर से 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचा

Thu, 13 Dec 2018 08:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 13 Dec 2018 08:08 AM IST
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Delhi NCR minor improvement in air pollution
दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को भी आसमान पर धुंध और प्रदूषण कणों की मोटी चादर छाई रही। हालांकि, शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में बेहद मामूली गिरावट दर्ज हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, गाजियाबाद को छोड़कर अधिकांश शहरों का एक्यूआई गंभीर से एक पायदान नीचे बहुत खराब श्रेणी में आ गया है। गाजियाबाद में यह अब भी गंभीर श्रेणी में है।

Delhi NCR minor improvement in air pollution
दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

बुधवार को दिल्ली समेत ज्यादातर शहरों का एक्यूआई 350 से 399 के बीच दर्ज हुआ। सोमवार और मंगलवार को यह 401 के आंकड़े को पार कर गया था। बुधवार को रात 8 बजे दिल्ली-एनसीआर में पार्टिकुलेट मैटर 10 का स्तर 353 और पीएम 2.5 का स्तर 214 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को पीएम 10 390 और पीएम 2.5 का स्तर 260 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर को पार कर गया था। हालांकि गाजियाबाद में हालात नहीं सुधरे।

Delhi NCR minor improvement in air pollution
delhi Air

मौसम विभाग के मुताबिक, एक्यूआई अगले दो दिन बहुत खराब और गंभीर श्रेणी के बीच ही रह सकती है। हवा की गति बढ़ती है तो प्रदूषण के कण बिखरने की उम्मीद है। सफर के मुताबिक, पार्टिकुलेट मैटर ही नहीं, बल्कि हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन के कण भी बढ़े हैं। इन्हें छांटने के लिए वेंटिलेशन सूचकांक 6000 वर्गमीटर प्रति सेकेंड होना चाहिए, जो इस वक्त 3500 वर्गमीटर है।

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दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

निगम और संबंधित एजेंसियां हरकत में
सीपीसीबी की टास्क फोर्स ने मंगलवार को ही अपनी बैठक में दिल्ली-एनसीआर के सभी नगर निगमों और संबंधित एजेंसियों को सर्वाधिक प्रदूषित स्थानों पर विशेष अभियान चलाने को कहा था। यह शुरू हो गया है।  दूसरी ओर, सीपीसीबी की टास्क फोर्स की बैठक में हाल ही में दिल्ली-एनसीआर के 21 स्थानों को सर्वाधिक प्रदूषित घोषित किया गया था। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) से ऐसे स्थानों पर निर्माण और औद्योगिक गतिविधियां रोकने की सिफारिश की थी। हालांकि, ईपीसीए ने ऐसा निर्णय नहीं लिया है।  ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत हवा में लगातार 48 घंटे से ज्यादा पीएम आपात स्तर पर बने रहते हैं तो निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर रोकथाम की कवायद होगी। हवा में पीएम 10 का स्तर 500 और पीएम 2.5 का स्तर 300 या उससे अधिक हो तो आपात स्तर कहलाता है।

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दिल्ली की धुंध - फोटो : एएनआई

नम हवाएं बढ़ा रहीं सर्दी और कोहरा
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग (सफर) के मुताबिक, हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को और नम बना दिया है। तापमान में गिरावट और हवा में नमी बढ़ने से प्रदूषण का यह स्तर बना हुआ है। नम हवाएं दिल्ली में न सिर्फ सर्दी बढ़ा रही हैं, बल्कि इससे कोहरा भी बढ़ रहा है। प्रदूषण के कण ऐसी परिस्थितियों में बिखर नहीं पा रहे हैं। बुधवार को मौसम में आर्दता 98 फीसदी रिकॉर्ड की गई।

हवा के हालात
शहर               बुधवार    मंगलवार    सोमवार   
दिल्ली               392        413        403
नोएडा                390       420        452 
गाजियाबाद         409       433         430 
ग्रेटर नोएडा         388       429          433 
फरीदाबाद           357       403          448 

सीपीसीबी से मिले आंकड़े. 301 से 400 के बीच एक्यूआई बहुत खराब और 401 से 500 के बीच का गंभीर प्रदूषण प्रदर्शित करता है।

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