उत्तर भारत में लगातार पराली जलने का असर दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है। बीते 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि रविवार को हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम होने व सतही हवा की रफ्तार मध्यम होने की वजह से पराली के धुएं की हिस्सेदारी दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों में बढ़ेगी। साथ ही वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकती है।
घुटता है दम: खराब श्रेणी में पहुंची दिल्ली-एनसीआर की हवा, आज और बिगड़ेंगे हालात
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पराली जलने की वजह से दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में इसकी हिस्सदारी 14 फीसदी रही। वहीं, पीएम 2.5 से छोटे कणों की पीएम 10 में 54 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई। पीएम 10 का स्तर 216 व पीएम 2.5 का स्तर 113 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड किया गया। सामान्य तौर पर पीएम 10 का स्तर 100 व पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से कम होन पर सुरक्षित श्रेणी में माना जाता है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पंजाब में 426 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। वहीं, हरियाणा में 79, उत्तर प्रदेश मे 116, मध्यप्रदेश में 625 और राजस्थान में 19 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। इधर, दिल्ली में एक भी जगह पर पराली नहीं जली।
मिक्सिंग हाइट में नहीं होगा बदलाव
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बीते 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट का स्तर 1200 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 2500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहा। अगले 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट में बदलाव नहीं होगा। हालांकि, वेंटिलेशन इंडेक्स बढ़कर 6500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रह सकता है। विभाग के मुताबिक, सोमवार तक मिक्सिंग हाइट घटकर 1150 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 2500 वर्ग मीटर रहने का पूर्वानुमान है। वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड से कम और हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम होने पर प्रदूषकों को जमने में मदद मिलती है। अगले तीन दिनों तक हवा की रफ्तार 12 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहने का पूर्वानुमान है।
दिल्ली- 280
फरीदाबाद- 252
गाजियाबाद- 263
ग्रेटर नोएडा- 280
गुरुग्राम- 247
नोएडा- 235