दीपावली के आते ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ गया है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'खराब' और नोएडा में 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। सोमवार को दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता और अधिक बिगड़ सकती है। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि दीपावली की देर रात तक हवा की सेहत बिगड़कर बहुत खराब से लेकर गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। उधर, रविवार को दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों की हवा खराब श्रेणी में रही है।
Delhi-NCR Air Pollution: दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'खराब' और नोएडा में 'बेहद खराब', आज हालात और बिगड़ने के आसार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 259 दर्ज किया गया, जो दिवाली से एक दिन पहले सात साल में सबसे कम है। दिवाली के दिन देर रात तक हवा की सेहत बिगड़कर गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। वहीं, गाजियाबाद की हवा 270 एक्यूआई के साथ सबसे खराब रही। एनसीआर में सबसे कम 200 एक्यूआई फरीदाबाद का रहा। वहीं, रविवार को भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच में भारतीय टीम के जीतने पर लोगों ने खुशी में जमकर पटाखे जलाए। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद पटाखे जलाए जा रहे हैं। ऐसे में दीपावली की रात में पटाखे जलाने की आशंका है। ऐसा होने पर हवा की सेहत गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है।
850 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड
दीपावली आते ही पराली जलने की घटनाओं में वृद्धि होना शुरू हो गई है। केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में उत्तरी भारत में 850 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। ऐसे में प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी पांच फीसदी तक दर्ज की जा सकती है।
अगले दो दिन में बदलेगी हवा की दिशा
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, रविवार को हवा की दिशा उत्तर की ओर रही है व हवा की रफ्तार पांच किलोमीटर प्रतिघंटा रही। अगले दो दिनों में यह बदलकर उत्तर-पूर्वी व उत्तर-दक्षिण की ओर होगी। साथ ही हवा की रफ्तार भी कम होगी। रविवार को मिक्सिंग हाइट का स्तर 1750 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स पांच हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहा। अगले 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट घटकर 1500 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किया जा सकता है। वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड या इससे कम और हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम होने पर प्रदूषकों को जमने में मदद मिलती है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
दिल्ली- 259
फरीदाबाद-200
गाजियाबाद- 270
ग्रेटर नोएडा- 202
गुरुग्राम- 251
नोएडा- 236