मौसमी बदलाव के साथ हवा की गुणवत्ता पर असर पड़ना शुरू हो गया है। बीते 24 घंटे में हवा की रफ्तार धीमी पड़ते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। उधर, पराली का धुआं भी हवा की सेहत पर असर डाल रहा है। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों तक हवा बहुत खराब से खराब श्रेणी में बनी रहेगी। सवेरे के वक्त धुंध भी छाई रह सकती है।
जहरीली होतीं सांसें : बेहद खराब श्रेणी में दिल्ली-एनसीआर की हवा, फिलहाल नहीं सुधार की संभावना
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बृहस्पतिवार को दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 354 के साथ बेहद खराब श्रेणी में रहा। वहीं, 373 एक्यूआई के साथ गाजियाबाद की हवा सबसे खराब दर्ज की गई है। सबसे कम 315 एक्यूआई फरीदाबाद का दर्ज किया गया है। इससे एक दिन पहले दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों की हवा खराब श्रेणी में रही थी। दिल्ली का एक्यूआई 271 और ग्रेटर नोएडा का सबसे कम 243 एक्यूआई दर्ज किया गया था।
1082 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 2.5 से बड़े कणों की पीएम 10 में 52 फीसदी हिस्सेदारी रही है। पीएम 10 का स्तर 238 और पीएम 2.5 का स्तर 158 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड किया गया है। उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में 1082 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। इसका दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में प्रभाव दर्ज किया गया है।
हवा की रफ्तार और वेंटिलेशन इंडेक्स कम होने से प्रभाव
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बीते 24 घंटे में हवा की रफ्तार शून्य से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई है। वहीं, हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी रही। मिक्सिंग हाइट 1500 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहा। हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम व वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर या इससे कम होने पर प्रदूषकों को जमने में मदद मिलती है।
आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में हवा की दिशा दक्षिण-पूर्वी होगी। मिक्सिंग हाइट 1750 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 7200 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रह सकता है। हालांकि, इसके अगले दिन मिक्सिंग हाइट और वेंटिलेशन इंडेक्स एक बार फिर कम होगा। मिक्सिंग हाइट 1700 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 4600 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड दर्ज किए जाने की संभावना है। बता दें कि दीपावली के बाद दिल्ली की हवा बीते आठ सालों में सबसे बेहतर रही थी। इस दिन हवा का एक्यूआई सिर्फ 302 रहा था।