राजधानी दिल्ली की सैकड़ों अनधिकृत कॉलोनियों में जल बोर्ड के पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। जबकि दिल्ली सरकार का दावा है कि 1520 अनाधिकृत कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। सरकार के दावे के विपरीत कई कॉलोनियों के लोगों को कहना है कि पाइपलाइन बिछने के बावजूद पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है।
लंबी-चौड़ी पाइपलाइन बिछने के बाद भी प्यासी है दिल्ली, लाखों लोगों को नहीं मिलता पीने का पानी
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अब भी करीब 200 कॉलोनियों में लाखों की आबादी को जल बोर्ड का पानी नहीं मिल रहा है। इन कॉलोनियों में अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि कहीं गंदा पानी आ रहा है तो कई जगहों पर लोग पानी की भयंकर किल्लत से जूझ रहे हैं। इसके अलावा हजारों की आबादी ट्यूबवेल, पंप और टैंकरों पर निर्भर है। हैरत की बात यह है कि इन कॉलोनियों में पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल ही नहीं लिए जाते।
100 कॉलोनियों में अब भी पेयजल की किल्लत
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष और दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य जयप्रकाश के मुताबिक पहले ही 100 कॉलोनियों के नाम बोर्ड को सौंपे गए हैं, ताकि इन कॉलोनियों में पीने के पानी का उचित इंतजाम किया जा सके। इन जगहों पर या तो पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है या गंदा पानी आ रहा है। अभी भी चेतन कॉलोनी, हरिजन बस्ती, नजफगढ़ सहित दर्जनों क्षेत्रों में पानी की समस्या आ रही है। इसके लिए सोमवार को 70 जगहों के सैंपल लिए गए हैं।
कई इलाकों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति
दक्षिणी निगम के मनोनीत पार्षद भूपेंद्र सिंह जून के मुताबिक कापसहेड़ा में पानी की कमी है, जबकि झुग्गी कॉलोनियों में अभी भी पुराने बोर के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा महिपालपुर के कुछ इलाके जिनमें रंगपुरी सहित आसपास के क्षेत्रों में पानी की किल्लत होने पर टैंकरों के जरिये पानी की आपूर्ति की जा रही है।
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट भी नहीं कर रहे हैं ठीक से काम
दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य जयप्रकाश ने दावा किया कि कई इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, जिसे दूर करने के लिए जरूरी है कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट ठीक तरह काम करे। अभी भी कई इलाकों में कच्चे पानी की आपूर्ति हो रही है। अनाधिकृत कॉलोनियां जहां पानी की कमी है, वहां तो गुणवत्ता की जांच भी नहीं होती है।