उत्तर-पश्चिम दिल्ली का सुभाष प्लेस इलाका रविवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। खाना बनाने को लेकर हुए विवाद के बाद एक सिरफिरे युवक ने अपनी पत्नी, दो सालों और साले की पत्नी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। हमले में आरोपी की पत्नी और दो सालों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि साले की पत्नी बुरी तरह जख्मी हो गई।
पत्नी-दो सालों की हत्या: घर के छोटे-मोटे झगड़े के बीच मायके वालों को बुला लेती थी पत्नी, इससे खफा रहता था आरोपी
दरअसल हितेंद्र की पत्नी छोटी-छोटी बातों पर अपने मायके वालों को घर बुला लिया करती थी। इससे हितेंद्र चिढ़ता था। रविवार को हुई वारदात को उसी का नतीजा माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि वारदात के समय हितेंद्र शराब के नशे में धुत था। पुलिस उसका मेडिकल करवाकर पता करने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने वारदात के समय शराब पी हुई थी या नहीं। पुलिस बाकी परिजनों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक हितेंद्र परिवार के साथ शकूरपुर गांव में चार मंजिला मकान की चौथी मंजिल पर रहता है। इसके परिवार में पत्नी सीमा यादव के अलावा दो बेटे प्रथम यादव (19) और हनी यादव (16) है। हितेंद्र ने मकान की बाकी मंजिलों और ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद दुकानों को किराए पर दिया हुआ है। इससे परिवार को लाखों रुपये की आमदनी होती है। इसी से परिवार का खर्चा चलता है। परिजनों ने बताया कि हितेंद्र को शराब पीने की लत है। इसी वजह से अक्सर उसका पत्नी से छोटी-मोटी बातों पर झगड़ा होता रहता था।
रविवार रात को हितेंद्र शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा। सीमा ने घर में दाल बनाई हुई थी। हितेंद्र ने खाने के बारे में पूछा तो पत्नी ने दाल बने होने की बात बताई। इसी बात पर आरोपी भड़क गया। वह पत्नी के साथ गाली-गलौज करने लगा। सीमा ने भी छत पर जाकर अपने भाइयों को कॉल कर दिया। कुछ ही देर बाद हितेंद्र के साले सरेंद्र, विजय और विजय की पत्नी बबीता व सीमा की मां चंद्रकला और बबीता का भाई चंद्रभान वहां पहुंच गए। इसी दौरान हितेंद्र का दोस्त ललित भी आ गया। बातचीत के दौरान ललित भी उसमें कूद पड़ा। इसका विजय ने विरोध किया। उसने बाहरी लोगों के घरेलू झगड़े में दखल नहीं देने की बात कही। इसी बात पर हितेंद्र और उसके दोनों बेटों प्रथम और जय ने विजय का विरोध किया।
इस पर सीमा ने बेटे जय को थप्पड़ मार दिया। इस पर हितेंद्र नाराज हो गया और सभी आपस में भिड़ गए। चंद्रकला, सीमा और बबीता बीच बचाव करने लगी। हितेंद्र ने कहा कि आज तुम्हें जिंदा नहीं छोडूंगा। वह कमरे में जाकर अपनी रिवॉल्वर निकालकर आया और सीमा, बबीता, सुरेंद्र और विजय को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। हमले में सीमा, सुरेंद्र, विजय और बबीता को गोलियां लगी। जबकि मां चंद्रकला बाल बाल बच गई। अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी वहां भागे।
अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। सभी चारों घायल खून से लथपथ पड़े हुए थे। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां सीमा, सुरेंद्र, विजय को मृत घोषित कर दिया गया जबकि बबीता का पैर में गोली लगने के बाद इलाज जारी है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि सीमा छोटे-छोटे झगड़े के दौरान अपने घर वालों को घर पर बुला लेती थी। इससे हितेंद्र बुरी तरह चिढ़ता था।
हितेंद्र का अपनी पत्नी से अकसर झगड़ा होता था। उसकी पत्नी अपने मायके वालों को शिकायत कर देती थी। इस बात से हितेंद्र काफी नाराज रहता। रविवार रात ससुराल वालों के आने के बाद उसका गुस्सा फूट पड़ा और उसने सभी को गोली मार दी।(उषा रंगनानी, पुलिस उपायुक्त, उत्तर पश्चिम जिला)