समय दोपहर करीब 12 बजे, जगह दिलशाद गार्डन स्थित एमसीडी स्कूल। व्हील चेयर पर बैठी अंजू गुप्ता चहक रहीं थी। तुतलाती आवाज में उसने वोट डालने की अपनी खुशी का इजहार किया। अंजू के साथ-साथ चल रहे कारोबारी राजकुमार गोयल ने बताया कि यह पहली बार नहीं है।
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हादसे में जख्मी होने के बावजूद डाले वोट
विनोद नगर के अनिल कुमार का सड़क दुर्घटना में शुक्रवार को पैर टूट गया। एकबारगी उनको लगा कि वह वोट नहीं दे सकेंगे। लेकिन प्लास्टर लगाकर जब डॉक्टरों ने घर जाने को कहा तो उनको राहत मिली। सुबह वह विनोद नगर के स्कूल में वोट डालने पहुंचे।
बातचीत में अनिल कुमार बोले, पांच साल बाद मौका मिला है, अगर इसको गवां दिया तो ऐसी सरकार मिलेगी, जिसे हमने नहीं चुना। ऐसी कोई कसर कम से कम आज के दिन छोड़ना ठीक नहीं है।
दिल्ली की सबसे उम्रदराज मतदाता कालीतारा मंडल (110 वर्ष) ने भी वोट डाले
दिल्ली की सबसे उम्रदराज मतदाता कालीतारा मंडल (110 वर्ष) ने भी वोट डाले। अपने वोट की ताकत से नई सरकार चुनने के लिए वह खासी उत्साहित नजर आईं। वोटिंग से पहले उनका कहना था कि जब से मुझे मतदाता पहचान पत्र मिला है, तब से ही मतदान कर रही हूं।
वोटिंग करने के बाद उन्होंने सभी नागरिकों से मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। चितरंजन पार्क निवासी कालीतारा मंडल की कहानी आपको बहुत प्रेरित करेगी। कालीतारा मंडल की उम्र 110 साल है। वह अपने मताधिकार के प्रति आज भी जागरूक है। दिल्ली में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 147 मतदाता हैं।
पुलिसकर्मियों ने दिया सहारा
अक्षत कुमार को लकवा मार दिया है। वह द्वारका के राजकीय कन्या विद्यालय में बने मतदान केंद्र में व्हील चेयर पर पहुंचे। अक्षत को देखते हुए पुलिसकर्मी आगे बढ़े और सहारा दिया। बुजुर्ग महिला आशा देवी को भी पुलिस ने सहारा देकर वोटिंग करवाई।
12 किमी सफर कर मतदान के लिए पहुंचा दिव्यांग
नई सरकार चुनने के लिए मतदाताओं का उत्साह और जज्बा देखने लायक था। कहीं वोट देने के लिए पूरा परिवार पहुंचा तो कई ऐसे केंद्रों पर मतदान करने के लिए एक ही परिवार के सदस्य अपनी सहूलियत के मुताबिक पहुंचे। नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र स्थित एक बूथ पर एक दिव्यांग मतदान के लिए 12-15 किलोमीटर की दूरी तय कर ट्राइसाइकिल से पहुंचा।
उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र में सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ नजर आई। मॉडल बूथ पर पहुंचने वाले मतदाताओं को कम इंतजार करना पड़ा, जिसकी सभी ने तारीफ की। बेहतर सुविधाएं दिए जाने से अब मतदान के लिए इंतजार का वक्त कम हो गया है। बुजुर्ग और युवा भी विकास के नाम पर वोटिंग करने पहुंचे,।
हर वर्ग और उम्र के मतदाताओं का जज्बा देखने लायक था। नांगलोई निवासी अतुल ने बताया कि वह पहले नजफगढ़ में रहते थे। शिफ्ट होने के बाद वोट दने के लिए ट्राइसाइकिल से 12 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की। उनकी माने तो एक एक वोट की भूमिका अहम है, इसलिए मतदान के लिए पहुंचे। द्वारका के डीपीएस में वोट करने पहुंचे भवेश ने कहा कि विकास करने वाली पार्टी को वोट दिया है।