राजधानी में दो दिनों के भीतर सीवर की जहरीली गैस में दम घुटकर छह लोगों की जा चली गई। अक्सर देखा गया है कि सीवर की सफाई से जुड़े अधिकारी व ठेकेदार बेचारे मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतार देते हैं। ऐसे में वह हादसे का शिकार हो जाते हैं। दल्लूपुरा हादसे के बाद दोनों युवकों के परिजनों ने मांग की है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हादसे के बाद से दोनों युवकों के परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। यशदेव की चार माह पूर्व ही शादी हुई थी जबकि नितेश अभी अविवाहित था। परिवार उसकी शादी की तैयारी कर रहा था।
मौत का सीवर: चार माह पूर्व ही हुई थी यशदेव की शादी, अब घर में छाया मातम, परिवार का रोते-रोते बुरा हाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यशदेव के रिश्तेदार राहुल ने बताया कि इसके परिवार में पिता गजे सिंह, मो ओमवती के अलावा पत्नी भावना व अन्य सदस्य हैं। चार माह पूर्व ही भावना और यशदेव की शादी हुई थी। घर में खुशी का माहौल था। अचानक एक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को मिट्टी में मिला दिया।
राहुल ने बताया कि यशदेव पिछले पांच साल से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में काम कर रहा था। बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे वह अपने गांव रटौल, लोनी, गाजियाबाद से प्लांट के लिए निकला था। इसके बाद देर शाम उसकी मौत की खबर परिवार को मिली। परिवार फौरन दल्लूपुरा पहुंचा। जहां से वह एलबीएस अस्पताल चले गए। पुलिस ने गुरुवार को परिवार को शव सौंप दिया।
दूसरी ओर नितेश परिवार के साथ खासपुर, बुलंदशहर, यूपी में रहता था। इसके परिवार में पिता सत्येद्र कुमार, मां राजेश देवी और भाई विकास कुमार है। नितेश भी पिछले काफी समय से प्लांट में काम कर रहा था। इसकी मौत के बाद से परिवार का रोते-रोते बुरा हाल है। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमार्टम के बाद नितेश का शव लेकर परिवार बुलंदशहर रवाना हो गया।
खाजपुर के नीतीश की दिल्ली में मौत
गांव खाजपुर निवासी नीतीश उर्फ मोहित (25) की गैस की चपेट में आने के कारण दिल्ली में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार की शाम नीतीश का शव गांव में लाया गया। जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। नीतीश दिल्ली जल बोर्ड में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्य करता था। वह दल्लूपुरा स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पर तैनात था। बताया गया कि बुधवार की देर शाम नीतीश व लोनी निवासी उसका एक साथी मरम्मत के कार्य से ट्रीटमेंट प्लांट के अंदर उतरे थे। गैस की चपेट में आने के कारण दोनों अचेत हो गए । सूचना पर पहुंची दमकल की टीम ने दोनों को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां नीतीश की मौत हो गई। परिजनों व साथी कर्मचारियों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। बताया कि ठेकेदार द्वारा बिना सुरक्षा उपकरणों के कार्य कराया जाता है। जिससे यह हादसा हुआ।