इसे जांच एजेंसियों की लापवाही कहेंगे या भूल...। गुरुवार को धमाके वाली जगह से करीब 150 मीटर दूर एक शौचालय के टीन शेड पर एक मानव हाथ पड़ा मिला। सुबह के समय शौचालय आए एंबुलेंस चालक की नजर उस पर गई तो उसके होश उड़ गए। उसने जांच दल को फौरन इसकी सूचना दी।
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लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद सबूतों की तलाश में पुलिस कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
धमाके की तीव्रता के कारण हाथ हवा में उड़कर यहां गिरा
खबर मिलते ही लोकल पुलिस के अलावा जांच दल मौके पर पहुंच गया। बाद में एफएसएल की टीम ने छानबीन के बाद धड़ से अलग हुए हाथ को कब्जे में लेकर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। जांच दल के सूत्रों का कहना है कि धमाके की तीव्रता के कारण ही हाथ हवा में उड़कर यहां गिरा।
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लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद सबूतों की तलाश में पुलिस कर्मी।
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कुत्ते उठा रहे मांस
हालांकि छानबीन के दौरान शौचालय के पास ही जांच दल को एक मास का लोथड़ा पड़ा मिला। आशंका व्यक्त की जा रही है कि शायद इसको कुत्ते उठाकर यहां लाएं हो। तीन दिन बाद भी जब शवों के अवशेष मिलने की खबर सोशल मीडिया पर फैली तो लोगों ने जांच पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिए।
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जिंदा जल रहे व्यक्ति को बचाया उतरी दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार धमाके बाद जब पुलिसकर्मी लालकिले
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एक किलोमीटर के एरिया में फिर हुई तलाशी
इतना सब होने के बाद जांच एजेंसियां और लोकल पुलिस एक बार फिर हरकत में आई। करीब एक किलोमीटर एरिया की पूरी तरह तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान धमाके के बाद हवा में उड़कर आए गाड़ियों के पुर्जें और दूसरा सामान बरामद होता रहा। बता दें कि लाल किला ब्लास्ट साइट को पुलिस ने गुरुवार को भी सील ही रखा।
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लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद सबूतों की तलाश में पुलिस कर्मी।
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इमारतों, मंदिरों की छतों में हुई तलाशी
एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को हुए धमाके के बाद शवों और गाड़ियों के टुकड़े कई सौ मीटर दूर तक जाकर गिरे। जांच दल लगातार पूरे एरिया से सबूत जुटा रही हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को करीब एक किलोमीटर एरिया तक तलाशी अभियान चलाया गया। इमारतों, मंदिरों, दुकानों व दूसरी जगहों की छतों पर भी जांच की गई।