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जांबाज चितरंजन को सलाम: लोगों का शोर सुन रोका मिनी टेंपो और सीवर में उतर गया, फिर बाहर आई लाश

Thu, 28 Apr 2022 09:25 AM IST
पूजा त्रिपाठी शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 28 Apr 2022 09:25 AM IST
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Delhi bawana sewer death brave Chitranjan who enter sewer to save others also died read his courageous story
बवाना में सीवर में हुई चितरंजन की मौत - फोटो : अमर उजाला

जांबाज चितरंजन चौधरी के जज्बे को सलाम...। अपनी जान की बाजी लगाकर चितरंजन ने सीवर में फंसे अब्दुल सलाम को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह खुद भी मौत के आगोश में चला गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि साहिल के शोर मचाने पर वहां से गुजर रहे चितरंजन ने अपना टेंपो रोका और आव देखा न ताव सीवर में उतरने लगा। लेकिन सीवर की गैस इतनी खतरनाक थी कि उसके नीचे उतरते ही वह भी अचेत हो गया। चितरंजन तुरंत ही आठ-नौ फुट नीचे जा गिरा।

Delhi bawana sewer death brave Chitranjan who enter sewer to save others also died read his courageous story
बवाना में इसी सीवर में हुई चितरंजन की मौत - फोटो : अमर उजाला

साहिल के शोर मचाने पर वहां भीड़ जुट गई। बाद में मामले की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने सलाम और चितरंजन के शवों को सीवर से बाहर निकाला।

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चितरंजन का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

चितरंजन के परिजनों ने बताया कि वह अपने मामा के लड़कों के साथ किराए के मकान में शाहबाद-दौलतपुर इलाके में रहता था। इसके परिवार में दो भाई और पिता पारस चौधरी हैं। परिवार बिहार के मुजफ्फरपुर में रहता है। चितरंजन दिल्ली में रहकर एक निजी कंपनी में छोटा हाथी मिनी टेंपो चलाता था।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

बुधवार सुबह वह बवाना किसी काम से आया था। सेक्टर-4 के पास गंगा टोली रोड पर उसने एक नाबालिग को जोर-जोर से शोर मचाते हुए देखा। फौरन चितरंजन ने अपना टेंपो रोका। साहिल ने उसे सारा वाकया बताया। इसके बाद बिना सोचे-समझे वह सीवर में नीचे उतर गया। चितरंजन के मामा के लड़के ने बताया कि वह हमेशा ही हर किसी की मदद के लिए तैयार रहता था। राह चलते बुजुर्ग व दूसरे मजबूर लोगों की मदद करना उसे बेहद पसंद था। अपनी आदत की वजह से ही वह बुधवार को साहिल की मदद के लिए रुका होगा। लेकिन शायद उसे पता नहीं था कि सीवर की गैस कितनी खतरनाक होती है। गुरुवार को परिवार के दिल्ली आने पर चितरंजन का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

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delhi police - फोटो : अमर उजाला

20 फुट गहरा था सीवर, अंदर भरी थी दल-दल...
हादसे की सूचना मिली तो डीएसआईडीसी दमकल केंद्र से दो गाड़ियां मौके पर राहत व बचाव कार्य के लिए पहुंच गईं। दोनों युवक अंदर सीवर में फंसे थे। सीवर की गहराई की जांच की गई तो पता चला कि करीब 20 फुट गहरा सीवर था। लेकिन करीब 14 से 15 फुट यह दल-दल से भरा था। नीचे उतरकर दोनों के शवों को निकाला। अधिकारियों का कहना था कि ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर ही नीचे उतरा जा सका। करीब 45 मिनट बाद दोनों के शव रस्सी के सहारे निकाले गए।

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