दिल्ली में चुनावी रंग चढ़ गया है। सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति के हिसाब से मैदान में उतरने की तैयारी में लग गई हैं। आम आदमी पार्टी ने इस बार अपने 15 विधायकों को टिकट देने से इंकार कर दिया, जिससे नाराज होकर कुछ विधायकों ने पार्टी से किनारा कर लिया। पांच विधायक ऐसे हैं जिन्होंने टिकट न मिलने से नाराज होकर दूसरी पार्टियों के सहारे या निर्दलीय ही ताल ठोक दी है। ये विधायक केजरीवाल के लिए मुसीबत का कारण बन सकते हैं। आगे पढ़ें कौन हैं आप के वो पांच विधायक जो इसबार पलट सकते हैं पासा-
Delhi Election 2020: आप के ये 5 बागी विधायक पलट सकते हैं बाजी, बिगड़ेगा केजरीवाल का खेल!
आदर्श शास्त्री
आदर्श शास्त्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में आदर्श द्वारका से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी थे और मतों की अच्छी संख्या से जीत हासिल की थी। इस बार आप ने यह कहते हुए आदर्श का टिकट काट दिया कि पिछले पांच सालों में क्षेत्र की जनता के साथ वो संवाद स्थापित नहीं कर पाए हैं। उनकी जगह आप ने विनय कुमार मिश्रा को टिकट दिया है। वहीं आदर्श शास्त्री कांग्रेस के दावेदार के तौर पर द्वारका से आप प्रत्याशी को टक्कर देंगे।
एनडी शर्मा
आम आदमी पार्टी से टिकट कटने के से नाराज एनडी शर्मा ने बसपा का हाथ थाम लिया। उन्होंने बदरपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर दावेदारी ठोकी दी है। यहां उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के राम सिंह नेताजी, भाजपा के रामवीर सिंह बिधूड़़ी और कांग्रेस के प्रमोद यादव से है।
कमांडो सुरेंद्र सिंह
आप से टिकट कटने के बाद ट्विटर के माध्यम से अपनी बात रखते हुए सुरेंद्र सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वो पार्टी से बहुत दुखी होकर इस्तीफा दे रहे हैं। कमांडो सुरेंद्र सिंह दिल्ली कैंट से विधायक हैं। इस बार उनकी जगह आप ने विरेंद्र सिंह कादियान को टिकट दिया है। वहीं सुरेंद्र सिंह ने एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। यहां से भाजपा ने मनीष सिंह और कांग्रेस ने संदीप तंवर को मैदान में उतारा है।
जगदीप सिंह
पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर जगदीप सिंह ने हरिनगर से निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। आम आदमी पार्टी ने हरिनगर से जगदीप सिंह का पत्ता काटकर राजकुमारी ढिल्लन को उतारा है। वहीं भाजपा ने तजिंदर पाल बग्गा और कांग्रेस ने यहां से सुरेंद्र सेतिया को टिकट दिया है।