पक्षियों और बंदरों को भगाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले क्रूड विस्फोटक का इस्तेमाल करना एक बच्चे के लिए महंगा पड़ गया। वह अब अस्पताल में भर्ती है, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, बिजनौर का रहने वाला देवेश(16) दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती है।
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गर्दन की हड्डी में फंसा धातु
- फोटो : अमर उजाला
वह पांच दिन पहले सर गंगाराम अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। दरअसल, खेत में बंदरों और पक्षियों को भगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले क्रूड विस्फोटक का इस्तेमाल करने के दौरान देवेश के गले में गंभीर चोट लग गई थी।
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गर्दन की हड्डी में फंसा धातु
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों के अनुसार, उस विस्फोटक में मेटल का एक पाइप होता है जिसमें पोटाश और सलफर होते हैं। इसी पाइप में विस्फोट होता है जिससे डरकर पक्षी और बंदर खेतों से भाग जाते हैं।
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गर्दन की हड्डी में फंसा धातु
- फोटो : अमर उजाला
इसी उपकरण का प्रयोग करते समय विस्फोट के दौरान मेटल का एक छोटा सा टुकड़ा देवेश के गले में जाकर घुस गया। करीब दो सेंटिमीटर का यह नुकीला टुकड़ा देवेश के गले को काटते हुए गर्दन की हड्डी में जा फंसा। अभी देवेश की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर उसका इलाज करने में लगे हुए हैं।
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गर्दन की हड्डी में फंसा धातु
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि अक्सर खेतों या बगानों में बंदर और पक्षी आकर फसलों को नष्ट कर देते हैं। कई बार तो पक्षी बीजों को अपना दाना समझकर अंकुरित होने से पहले ही खा जाते हैं। ऐसे में पटाखे फोड़कर या बाजार में उपलब्ध अन्य उपकरणों से आवाज करके उन्हें डराया जाता है, ताकि वे खेत में न आएं।