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वाहन बीमा के नाम पर फर्जीवाड़ा, पुलिस के हत्थे चढ़े चार बदमाश

Fri, 01 Dec 2017 08:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 01 Dec 2017 08:50 AM IST
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police arrested four man for doing fraud on the name of vehicle insurance company

वाहन बीमा के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का यूपी एसटीएफ ने खुलासा किया है। एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को मामले में सरगना समेत चार लोगों को नोएडा के थाना सेक्टर-58 क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। ये लोग ऑनलाइन वाहन बीमा तलाशने वालों को फोन कर कम कीमत पर पॉलिसी कराने का झांसे देकर ठगते थे। एसटीएफ का अनुमान है कि आरोपी अब तक सैकड़ों वाहन मालिकों से लगभग ढाई करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। एसटीएफ गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।

police arrested four man for doing fraud on the name of vehicle insurance company
- फोटो : FILE PHOTO

एसटीएफ में साइबर मामलों के विशेषज्ञ एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह की टीम ने फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे सेक्टर-62 स्थित आम्रपाली चौक से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान सत्यम एन्क्लेव साहिबाबाद गाजियाबाद निवासी अमित वर्मा, जोहरा पोस्ट मंसूर पुर मुजफ्फरनगर निवासी शिवम धीमान उर्फ विराट, डैया डी भीटी अंबेडकर नगर निवासी अरुण पाल और राधे श्याम पार्क राजेंद्र नगर साहिबाबाद गाजियाबाद निवासी ऋषभ त्यागी के रूप में हुई है। अमित गिरोह का सरगना है।

police arrested four man for doing fraud on the name of vehicle insurance company
- फोटो : File Photo

यह हुई बरामदगी
आरोपियों की निशानदेही पर एसटीएफ ने लैपटॉप, छह टैबलेट, 20 मोबाइल फोन, 10 फर्जी बीमा कंपनियों की मुहर, चार एटीएम कार्ड, 6500 रुपये, जनरल इंश्योरेंस कंपनी का 500 पेज का उपभोक्ताओं का डाटा और काफी मात्रा में फर्जी बीमा कंपनियों के कवर नोट बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी साहिबाबाद में फर्जीवाड़े के लिए कॉल सेंटर चलाते थे। ये लोग केवल वाहनों का बीमा कराने के नाम पर ही ठगी करते थे।

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police arrested four man for doing fraud on the name of vehicle insurance company

पूरे देश के वाहन मालिका को डाटा
 त्रिवेणी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि उनके पास पूरे देश के वाहन मालिकों का डाटा है। ये गोपनीय डाटा कहां से मिला, इसकी भी जांच की जा रही है। इसी डाटा से उन्हें पता चल जाता था कि कब किस गाड़ी का बीमा खत्म हो रहा है। इसके अलावा इन लोगों ने गूगल, जस्ट डायल और पॉलिसी बाजार जैसी वेबसाइट पर भी सदस्यता ले रखी है। इन पर बीमा संबंधी जानकारी सर्च करने वालों का डाटा भी आरोपियों को मिल जाता है। इसके बाद वह बीमा तलाश रहे संबंधित व्यक्ति को फोन कर कम कीमत पर पॉलिसी देने का झांसा देकर फंसाते थे।

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एचडीएफसी एर्गो ने की थी शिकायत 
डॉ. त्रिवेणी ने बताया कि बीमा संबंधी फर्जीवाड़े की शिकायत एचडीएफसी एर्गों बीमा कंपनी द्वारा की गई थी। कंपनी ने थाना सेक्टर-58 में फर्जीवाड़े की एफआईआर दर्ज कराई थी। बीमा कंपनी को 15 से अधिक बीमा धारकों ने उनके नाम पर फर्जी पॉलिसी बेचने की शिकायत की थी। इसके बाद बीमा कंपनी ने यूपी पुलिस से शिकायत की थी। मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। अभी कुछ और बीमा कंपनियों से भी इस तरह केफर्जीवाड़े की शिकायतें मिल रही हैं।

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