{"_id":"57f786c84f1c1b4659270c47","slug":"nithari-case-all-about-nithari-case-and-surendra-koli","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"निठारी कांडः पढ़िए 'खूनी कोठी' की पूरी कहानी जिसने 10 साल पहले दहलाया था पूरा देश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
निठारी कांडः पढ़िए 'खूनी कोठी' की पूरी कहानी जिसने 10 साल पहले दहलाया था पूरा देश
Sat, 08 Oct 2016 02:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 08 Oct 2016 02:28 PM IST
विज्ञापन
1 of 16
surendra koli
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
घरों में साफ-सफाई का काम करने वाली महिला 31 अक्तूबर 2006 को अपने घर से चलते समय पति को बताकर गई थी कि आज उसे सुरेंद्र कोली ने बुलाया है। इसलिए वह पंधेर की कोठी संख्या डी-5 पर काम की बात करने जाएगी।
2 of 16
सुरेंद्र कोली के घर के पीछे वाले नाले की तलाशी करते लोग
इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। 24 दिसंबर 2006 को जब ‘खूनी कोठी’ के पीछे नाले से पुलिस ने 16 मानव खोपड़ियां बरामद कीं तो प्रयोगशाला जांच के बाद पता चला कि उनमें से एक खोपड़ी उक्त लापता महिला की भी थी।
3 of 16
निठारी कांड में जिन बच्चों की गई जान उनके परिजन
निठारी प्रकरण के मामलों में अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि महिला पहले भी पंधेर की इस कोठी पर झाडू-पोंछे का काम करती थी, मगर बाद में प्रेगनेंसी के चलते उसने काम छोड़ दिया था। बच्चे को जन्म देने के कुछ माह बाद वह दोबारा इस कोठी पर काम करना चाहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 16
सुरेंद्र कोली की कोठी
सुरेंद्र कोली ने उससे बात भी की थी। इसी के चलते वह काम की बात करने डी-5 पर गई और फिर कभी लौटकर नहीं आई।29 दिसंबर 2006 को निठारी कांड खुलने के बाद आरोपी कोली ने कोठी के पीछे गैलरी से भी काफी सामान बरामद कराया था। इसमें कपडे़, चप्पल, जूते आदि शामिल थे।
विज्ञापन
5 of 16
सुरेंद्र कोली
इसमें एक साड़ी वह भी बरामद हुई थी, जिसे घटना वाले दिन लापता महिला पहनकर घर से निकली थी। यह साड़ी उसे पास ही एक दूसरी कोठी में रहने वाली महिला ने पहनने के लिए दी थी। डीएनए टेस्ट से चूंकि लापता महिला की सटीक जानकारी नहीं मिल सकी थी, ऐसे में उसका एक फोटो और बरामद खोपड़ियां चंडीगढ़ सीएफएसएल भेजी गईं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।