गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से लिफ्ट देकर कर्नल की पत्नी से लूटपाट के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। वारदात गांव सरफाबाद निवासी युवक और उसकी गर्लफ्रेंड के गैंग ने की थी। आरोपी युवक ने गिरोह में दो साथियों को भी शामिल किया था। पुलिस ने आरोपियों से लूटे गए लगभग सवा लाख रुपये और लूट के रुपयों से खरीदे गए चार मोबाइल बरामद करने का दावा किया है।
प्रेमी-प्रेमिका गैंग बनाकर करते थे लूटपाट, करनल की बीवी से आभूषण लूटने का मामला खुला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसपी देहात सुनीति ने प्रेसवार्ता में बताया कि 13 अक्तूबर को गामा-2 निवासी सेवानिवृत्त कर्नल घनश्याम मिश्रा की पत्नी शैला मिश्रा को लिफ्ट देकर लूटपाट की रिपोर्ट बिसरख कोतवाली पुलिस ने दर्ज की थी। सीओ अनित कुमार और कोतवाली प्रभारी अजय कुमार शर्मा की टीम ने इस मामले में रेलवे स्टेशन के कुली आदि से पूछताछ की थी। पुलिस ने स्टेशन के बाहर लगे सीसीटीवी को भी खंगाला था।
पुलिस ने इस मामले में गौतम त्यागी मूल निवासी गांव कहरका (बागपत), उसकी गर्लफ्रेंड सोनम मूल निवासी गांव रतनपुर (बदायूं) के साथ मिलकर वारदात की योजना तैयार की थी। दोनों फिलहाल सरफाबाद में रहते हैं। गौतम कैब चलाता था और एक नामी कंपनी में उसकी कैब अनुबंधित है। गौतम ने इस वारदात में नीशू त्यागी निवासी कहरका और कर्म सिंह त्यागी निवासी गांव उकावली (मुजफ्फरनगर) को शामिल कर वारदात को अंजाम दिया।
गौरतलब है कि शहर के सेक्टर गामा-2 निवासी सेवानिवृत्त कर्नल घनश्याम मिश्रा की पत्नी शैल मिश्रा 13 अक्तूबर की सुबह सवा सात बजे प्रयागराज एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उतरीं थीं। एक कुली उनका सामान लेकर स्टेशन के बाहर आया और उसने तीन सौ रुपये में ग्रेटर नोएडा के लिए कैब बुक कराई। कार में चालक के अलावा एक युवती पहले से मौजूद थी। रास्ते में कार चालक ने दो अन्य युवकों को लिफ्ट दी। बदमाशों ने महिला से साढ़े तीन लाख रुपये नकद, पर्स और उसमें रखे 4000 रुपये, सूटकेस, अंगूठी, पायल व अन्य सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए और बिसरख कोतवाली क्षेत्र में फेंककर भाग गए।
मोहब्बत की राह में चुनी अपराध की मंजिल
बिसरख कोतवाली प्रभारी अजय शर्मा ने बताया कि आरोपी गौतम ही गैंग का सरगना है। वह और गर्लफ्रेंड सोनम एक साथ जिंदगी बिताने का वादा कर चुके थे। हाल में दोनों लिव-इन में थे। दोनों साथ रहकर दुनिया की हर खुशी हासिल करना चाहते थे। आर्थिक तंगी इसमें आड़े आ रही थी। गौतम कैब चलाता था, लेकिन उससे इतने रुपये नहीं मिल पाते थे कि उनके ऊंचे सपने पूरे हो सकें। गौतम ने कैब चलाने के दौरान अक्सर देखा था कि जब उसकी कैब मेें महिला सवारी होती तो उसे शेयर यात्री आसानी से मिल जाते थे। उसने यह महसूस किया था कि महिला को देखकर महिला सवारी भी बैठ जाती है। महिलाएं नकदी अपने पास रखने के अलावा आभूषण भी पहनती हैं। उसने सोनम को पूरी योजना समझाकर साजिश और वारदात में शामिल कर लिया।