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हिमांशी की मौत के बाद सांसद की छोटी बहू के मायके में रहने को लेकर उठ रहे सवाल

Sun, 10 Apr 2016 11:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 10 Apr 2016 11:41 AM IST
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himanshi kashyap death case and war on facebook

राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू हिमांशी की मौत पर फेसबुक पर भी बहस छिड़ी हुई है। कोई उन्हें बेकुसूर बताकर दुख जता रहा है, तो कोई कुसूरवार बताकर कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहा है। दोनों पक्षों के समर्थकों में फेसबुक पर गाली-गलौज हो रही है। अभद्र भाषा की सीमाएं लांघी जा रही हैं।

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Himanshi Kashyap

पुनीत दत्त लिखते हैं कि लड़की की मृत्यु कैसे भी हो, मुकदमा दहेज का दर्ज करा देते हैं। विनय लिखते हैं कि घटना से एक दिन पहले ही हिमांशी के पिता ने नरेंद्र कश्यप की तारीफ में कसीदे पढ़े थे। विक्की गौतम के शब्द हैं कि जरूरी नहीं कि जो हीरालाल जी कह रहे हैं, वह सच हो। अशोक, ब्रिजेश और अरुण ने दुख जताते हुए सागर के साथ होने की बात लिखी है।

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Himanshi Kashyap

दूसरी तरफ, मेघा कश्यप लिखती हैं कि तो फिर हिमांशी की मौत कैसे हुई...कोई बताएगा, सुसाइड तो नहीं था। कुछ तो है, जो अभी सामने आना बाकी है। लव कश्यप लिखते हैं कि वी वांट जस्टिस। हिमांशी के आरोपियों को फांसी दो। अर्जुन दक्श ने फोटो पोस्ट की है, जिस पर लिखा है कि बदायूं की बेटी हिमांशी को इंसाफ दो। सांसद के फरार छोटे बेटे और दो बेटियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। इस तरह के तमाम कमेंट्स फेसबुक पर छाए हुए हैं।

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himanshi kashyap death case and war on facebook
Himanshi Kashyap

सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू की मौत की गुत्थी जल्द ही सुलझ सकती है। सांसद के घर लगे सीसीटीवी कैमरे की एक घंटे की फुटेज में अहम सुबूत छिपे हैं। एक्सपर्ट्स की टीम जल्द ही रिकॉर्डिंग खोलेगी। सोमवार को घटना में प्रयुक्त बताई जा रही रिवाल्वर, खून से सने कपड़े और ब्लड सैंपल जांच के लिए आगरा फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे।

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Himanshi Kashyap

दूसरी तरफ, पुलिस का मानना है कि अगर हिमांशी और सागर के मोबाइल में आखिरी कॉल रिकार्ड हुई तो राज फाश हो चुका होता, मगर दोनों के ही मोबाइल में रिकॉर्डिंग नहीं की गई। दरअसल, सागर और हिमांशी के बीच फोन पर सुबह 10 बजकर 53 मिनट पर 54 सेकेंड की बात हुई थी।

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