आशाराम मूल रूप से नरदोली एटा के रहने वाले हैं और लोनी की डी-ब्लॉक इंद्रापुरी कालोनी में रहते हैं। परिवार में बड़ी बेटी सोनिया के अलावा पत्नी रेखा, बेटा शिवम और तीन बेटियां हैं। आशाराम सर्वाइकल कॉलर बेल्ट की सिलाई का काम करते हैं। सोनिया का बंथला निवासी दूसरी जाति के एक युवक से प्रेम प्रसंग था। पांच दिन पहले वह प्रेमी से मिलने चली गई थी। परिजनों ने उसे दो घंटे बाद बंथला नहर के पास से बरामद किया था। इसके बाद से वह प्रेमी के साथ विवाह कराने का जिद कर रही थी। दूसरी जाति का होने के कारण आशाराम शादी के लिए राजी नहीं थे।
बेटी की हरकतों से परेशान पिता ने कुल्हाड़ी से काटने के बाद गली में फेंका उसका शव
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सुबह छह बजे वह खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर लोनी बार्डर थाने पहुंचा और थानेदार से बोला कि ‘मैंने बेटी की हत्या कर दी है, मुझे गिरफ्तार कर लो।’ लोनी बार्डर थाना एसओ ने बताया कि आरोपी की पत्नी ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने कुल्हाड़ी बरामद कर उसे जेल भेज दिया है।
‘ दांव पर थी परिवार की इज्जत, मार दिया’
बेटी की हत्या कर थाने पहुंचे आशाराम ने पुलिस को बताया कि वह बेटी से परेशान हो चुका था, काफी समझाने के बाद भी वह समझ नहीं रही थी। उसने परिवार की इज्जत दांव पर लगा दी, इसलिए उसे मारना पड़ा। आशाराम ने बताया कि वह सोनिया से बहुत प्यार करता था। बेटे से भी ज्यादा ध्यान उसकी पढ़ाई पर देता था। उसने बताया कि मंगलवार शाम ही बेटी की हत्या करने की पूरी तैयारी कर ली थी।
दिल्ली स्थित फैक्ट्री से लौटते समय उसने दिल्ली से ही डेढ़ सौ रुपये में कुल्हाड़ी खरीदी थी। दूसरी तरफ, सोनिया की मां ने पुलिस को बताया कि छह माह पूर्व उसकी ननद की बेटी की शादी पर न्योता देने के लिए ननद का बेटा आया था। उसके साथ एक युवक भी आया था, जिसके साथ बेटी का प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवक बंथला में रहता है। विरोध के बावजूद दोनों ने शादी का फैसला कर लिया था।