बिसाहड़ा गांव में हुए इकलाख हत्याकांड के आरोपी रवि के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद के आश्वासन के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम को कर दिया गया। रवि की पत्नी को 12वीं की शिक्षा पूरी करने के बाद किसी अच्छे निजी संस्थान में नौकरी और उसकी डेढ़ साल की बेटी की शिक्षा पूरी कराने की जिम्मेदारी खुद डीएम ने अपने ऊपर ली है।
आखिरकार 25 लाख की मदद के बाद हुआ आरोपी रवि का दाह संस्कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, सरधना के विधायक संगीत सोम, डीएम एनपी सिंह व एसएसपी धर्मेंद्र सिंह और ग्रामीणों को मिलाकर बनी कमेटी के बीच बंद कमरे में लंबी बातचीत के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। हालांकि, गांव के कुछ युवा इन आश्वासनों से खुश नहीं थे।
गांव बिसाहड़ा स्थित रवि के घर के सामने शव रखकर शुक्रवार सुबह 11 बजे से महापंचायत शुरू हुई। करीब 12 बजे डॉ. महेश शर्मा पहुंचे और महापंचायत को संबोधित किया। उसके बाद केंद्रीय मंत्री ने गांवों के सदस्यों की समिति के साथ बैठक शुरू की। कुछ देर बाद संगीत सोम भी पहुंचे। फिर डीएम और एसएसपी को बुलाया गया। सभी की करीब ढाई घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई जिसमें तय हुआ कि रवि के परिजनों को 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
इसमें से 10 लाख रुपये प्रदेश सरकार, 10 लाख रुपये डीएम की पहल पर सामाजिक संगठन, पांच लाख रुपये डॉ. महेश शर्मा व संगीत सोम मिलकर देंगे। वहीं, रवि की पत्नी को 12वीं की शिक्षा पूरी करने पर कंप्यूटर की ट्रेनिंग देकर किसी अच्छी कंपनी में नौकरी दी लाएगी। साथ ही, रवि की बेटी की शिक्षा पूरी कराने की जिम्मेदारी खुद डीएम ने ली। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मान गए। कुछ युवाओं ने फिर भी नाराजगी जताई। उन्होंने हाथ खड़े व शोर करके इसका विरोध किया।
इस पर संगीत सोम व गांव के बुजुर्ग विरोध कर रहे युवाओं के बीच जाकर समझाने लगे। इसके बाद सहमति बन गई और दाह संस्कार कर दिया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण रवि की शव यात्रा में शामिल हुए। वहीं, डीएम ने यह भी कहा कि अगर पीड़ित परिवार चाहे तो सीबीआई जांच कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा सकता है।