दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के आसपास बड़ी वारदात करने के इरादे से छिपे 9 संदिग्ध नक्सलियों को शनिवार रात एटीएस की टीम ने दबोच लिया। उनके कब्जे से 06 पिस्टल 50 कारतूस 03 कार 13 मोबाइल 45 जिलेटिन छड़े 125 डेटोनेटर 02 लैपटॉप जब्त किया गया। नीचे व आगे की स्लाइ़ड्स में पढ़िए इस एटीएस ऑपरेशन से जुड़ी 13 प्रमुख बातेंः
कैसे देश की राजधानी के इतने करीब पहुंचे नक्सली, ये 13 बातें खोल देंगी पूरी कहानी
6 महीने से रह रहे थे-
एटीएस के सूत्रों के मुताबिक, पिछले छह महीने पहले हिंडन विहार आटा चक्की गली नंबर-3 के एक मकान में संदिग्ध लोगों ने किराये पर मकान लिया था। बाहरी खुफिया एजेंसियों ने इसकी सूचना एटीएस को दी। पिछले काफी दिनों से सर्विलांस की मदद से एटीएम टीम गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सूत्र बताते हैं कि संदिग्ध नक्सली दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़ी वारदात के इरादे से शनिवार को एकत्र हुए।
शनिवार सवेरे से ही हो रहा था इंतजार
एटीएस के कमांडो और अधिकारियों की टीम शनिवार सवेरे से ही इंतजार कर रही थी। रात करीब 8.30 बजे कई गाड़ियों में सवार कमांडो व टीम ने पूरे घर को घेर लिया और दो महिलाओं समेत 7 नक्सलियों को धर दबोचा। पूरे मकान की तलाशी लेने के बाद कमरे में मिले सामान को भी जब्त कर लिया गया और सभी को पूछताछ के लिए गुप्त स्थान पर ले जाया गया।
आज हुई प्रेस कांफ्रेंस-
सूचना पाकर एसएसपी व एसपी समेत भारी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। रविवार दोपहर में आईजी एटीएस असीम अरुण, नोएडा एसएसपी ऑफिस में दोपहर को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि नक्सलियों को अपने पुराने इलाको से वसूली करने में परेशानी हो रही थी जिसके बाद उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में अपना बेस बनाने का फैसला किया। इससे पहले की उन्हें कोई बड़ी सफलता मिलती एटीएस ने उनके पूरे गैंग को पकड़ लिया। मौके पर बरामद कार गाजियाबाद के किसी पवन कुमार झा के नाम बताई जा रही है। एटीएस के छापा मारते ही थाना सेक्टर-49 के हिंडन विहार के आसपास के लोग जमा हो गए। हालांकि शुरुआत में अफवाह फैली कि काले कपड़े पहने कमांडो ने आतंकवादी पकड़ लिए हैं, लेकिन देर रात इन्हें नक्सली बताया गया।
नोएडा पुलिस की खुली पोल, पहले भी ऐसा हो चुका है
दिल्ली-एनसीआर में वारदात करने के इरादे से छिपे छह संदिग्ध नक्सलियों को एटीएस टीम ने दबोचकर नोएडा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। दिसंबर 2013 में भी पश्चिम बंगाल की पुलिस नोएडा थाना सेक्टर-20 क्षेत्र से दो आतंकवादियों को पकड़कर ले गए थी, तब भी स्थानीय पुलिस को जानकारी गिरफ्तारी होने के बाद ही पता चली थी। एटीएस के कमांडो ने इतनी फुर्ती से कार्रवाई की कि स्थानीय पुलिस को जब तक जानकारी मिलती टीम जा चुकी थी।