चैती छठ पर नोएडा और दिल्ली के श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के गंदे पानी में ही पूजा की। कीचड़ में फंसकर तो कुछ महिलाओं ने बाहर खड़े होकर ही पूजा की। कालिंदी कुंज में यमुना में ना के बराबर पानी नजर आ रहा है। चैती छठ पर पूजा करने वाले भक्त भगवान भास्कर (सूर्य) को अर्घ्य देते हैं। छठ महापर्व साल में दो बार कार्तिक छठ और चैती छठ के रूप में मनाया जाता है।
Chaiti Chhath: यमुना की बदहाली से व्रती निराश, कीचड़ में गिरते-पड़ते नदी तक पहुंचे... पानी भी है बदबूदार
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Published by: आकाश दुबे
Updated Thu, 03 Apr 2025 10:07 PM IST
सार
पावन पवित्र चैती छठ, जहां व्रती पूरे व्रत के दौरान सबसे ज्यादा स्वच्छता का ध्यान रखती हैं। यहां तक कि पूजा के लिए तैयार होने वाला प्रसाद भी स्वच्छ मिट्टी के बने चूल्हे पर तैयार किया जाता है। साफ जल का उपयोग किया जाता है। ऐसे पवित्र छठ में भी उन्हें यमुना के गंदे पानी में उतरकर ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य देना पड़ा।
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