ऑडिशन के नाम पर मॉडलों को बुलाकर अश्लील कंटेंट बनाने का पूरा नेटवर्क डिजिटल टोकन पर आधारित था। अगर कोई भी इस नेटवर्क के साथ सेक्स चैट करता था तो उसे डिजिटल टोकन खरीदना होता था। अश्लील वीडियो देखने के लिए भी यही करना होता था। प्रवर्तन निदेशालय कई देशों के लोगों के साथ नोएडा की दंपती के संबंधों की जांच कर रही है। नोएडा के सेक्टर-105 में अश्लील कंटेंट बनाने का काला धंधा चल रहा था। प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को नोएडा में एक दंपती के घर छापा मारकर इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट को पकड़ा था।
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प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बृहस्पतिवार को नोएडा के सेक्टर-105 में एक हैरान कर देने वाले मामला का खुलासा किया था। इसमें एक घर में अश्लील कंटेंट अपलोड करने के लिए एक पूरा स्टूडियो बना लिया गया था। ईडी की जांच में सामने आया है कि एक कंपनी के डायरेक्टर उज्ज्वल किशोर और उसकी पत्नी नीलू श्रीवास्तव अपने घर से ही एडल्ट वेबकैम स्टूडियो चला रहे थे।
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दंपती साइप्रस की एक कंपनी के लिए काम कर रहा था। अब इस मामले में जानकारी मिली है कि डिजिटल टोकन से इस गिरोह के लोगों की काफी कमाई होती थी। इसके अलावा साइप्रस से लेकर नीदरलैंड से भी इन्हें फंडिंग की जा रही थी। अगर बताए गए साइट पर कुछ भी देखना हो तो उसके लिए पहले टोकन खरीदना होता था। इन पोर्नोग्राफी साइट्स पर अलग-अलग कैटेगरी में वीडियो और लाइव चैट का ऑपशन दिया गया था।
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इन साइट पर जो भी विजिट करता था उससे हर एक चीज के लिए अलग से पैसे चार्ज किए जाते थे। अगर किसी को एक मिनट या पांच मिनट का वीडियो देखना है तो उसके लिए अलग चार्ज था। किसी को अगर अलग आयु वर्ग का वीडियो को देखना था तो इसके लिए अलग चार्ज होता था। जानकारी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर की कई युवतियों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया जाता था।
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सोशल मीडिया पर जारी किया जाता था विज्ञापन
सोशल मीडिया पर विज्ञापन में मॉडलिंग ऑडिशन की जानकारी दी जाती थी। जब युवतियां नोएडा स्थित घर पर ऑडिशन देने पहुंचती थी तो आरोपी की पत्नी उन्हें इस अश्लील रैकेट का हिस्सा बनने का प्रस्ताव देती थी। इस प्रस्ताव में 1 से 2 लाख रुपये महीने कमाने का प्रलोभन दिया जाता था। ईडी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक की जांच में 15.66 करोड़ रुपये की अवैध विदेशी फंडिंग का खुलासा हुआ है।
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