केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बारहवीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बारहवीं के नतीजों में इस साल पास प्रतिशत काफी सुधरा है। बीते साल के मुकाबले में पास प्रतिशत में 5.38 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस साल 88.78 छात्र पास हुए हैं जबकि बीते साल पास प्रतिशत 83.40 फीसदी था। रिजल्ट में लड़कियां एक बार फिर से लड़कों के मुकाबले में अव्वल रही हैं।
CBSE Result : एक बार फिर लड़कों के मुकाबले में लड़कियां अव्वल, दिल्ली तीसरे स्थान से चौथे स्थान पर पहुंची
छात्राओं ने छात्रों के मुकाबले 5.96 फीसदी बेहतर प्रदर्शन किया है। छात्राओं का पास प्रतिशत 92.15 फीसदी जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 86.19 फीसदी रहा। इस बार छात्रों के प्रदर्शन में बीते साल के मुकाबले में 6.79 फीसदी सुधरा है। ट्रांसजेडर का रिजल्ट बीते साल के मुकाबले में अच्छा नहीं रहा है। बीते साल इनका रिजल्ट 83.33 फीसदी था जो इस साल घट कर 66.67 फीसदी पहुंच गया है।
सीबीएसई ने इस बार कोरोना संक्रमण के कारण मेधावी छात्रों की सूची जारी नहीं की है। इस कारण से यह कहना मुश्किल होगा कि किस छात्र ने टॉप किया है। सीबीएसई अध्यक्ष मनोज आहूजा ने छात्रों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह वर्ष कई हिसाब में अलग और अप्रत्याशित रहा है। इसका सभी ने डटकर सामना भी किया है। इसके लिए सभी विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक सराहनीय है।
बीते साल की तरह एक बार फिर त्रिवेंद्रम रीजन ने 97.67 फीसदी पास प्रतिशत के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि बैंगलूरु रीजन ने चेन्नई को पछाड़ते हुए 97.05 फीसदी के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। 96.17 फीसदी के साथ चेन्नई तीसरे स्थान पर है। दिल्ली तीसरे स्थान से खिसक कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यहां का रिजल्ट 94.39 फीसदी रहा है।
हालांकि दिल्ली के छात्रों ने बीते साल के मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन किया है। यहां 2.32 फीसदी ज्यादा विद्यार्थी पास हुए हैं। दिल्ली वेस्ट 94.61 फीसदी और दिल्ली ईस्ट 94.24 फीसदी के साथ चौथे व पांचवें स्थान पर है। साल 2019 में दिल्ली के 91.87 फीसदी विद्यार्थी पास हुए थे। देशभर के स्कूलों में जवाहर नवोदय विद्यालय 98.70 फीसदी के साथ टॉप पर रहे हैं।
बारहवीं की परीक्षाओं में इस साल 13,109 स्कूलों के कुल 12,03,595 पंजीकृत छात्रों में से 11,92, 961 छात्र परीक्षा में बैठे थे। जिनमें से 10,59,080 ने परीक्षा पास की। परीक्षाओं के लिए देश और विदेश में कुल 4984 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
400 छात्रों का रिजल्ट नहीं किया गया जारी
कोरोना संक्रमण व उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के कारण बोर्ड को बारहवीं की कुछ परीक्षाएं नहीं हो सकी थी। यह परीक्षाएं एक जुलाई से 15 जुलाई के लिए प्रस्तावित थी। लेकिन संक्रमण के बढ़ने के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया। इसके लिए अलग से मूल्यांकन योजना तैयार की गई थी। मूल्यांकन योजना के मानदंडों के आधार पर भी 400 छात्रों के परिणामों की गणना नहीं की जा सकी है इसलिए इन छात्रों के परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं।
कम छात्रों की आई कंपार्टमेंट
इस साल कम छात्रों की कंपार्टमेंट आई है। पिछले साल 99201 छात्रों की कम्पार्टमेंट आई थी, जबकि इस साल यह संख्या 87651 रह गई है।
| जवाहर नवोदय विद्यालय | 98.70 फीसदी |
| केंद्रीय विद्यालय | 98.62 फीसदी |
| सेंट्रल तिब्बतन स्कूल | 98.23 फीसदी |
| सरकारी स्कूल | 94.94 फीसदी |
| सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल | 91.56 फीसदी |
| निजी स्कूल | 88.22 फीसदी |