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पुलिस के दावों पर नहीं हो रहा एसटीएफ व जांच एजेंसियों को यकीन, ये हैं सबूत

Mon, 10 Dec 2018 09:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर/मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर/मेरठ Updated Mon, 10 Dec 2018 09:35 AM IST
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bulandshahr violence stf and probe agencies not satisfied with police investigation
bulandshahr violence - फोटो : अमर उजाला

बुलंदशहर बवाल में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के आरोप में पकड़े  गए फौजी जीतू को लेकर एसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियां पुलिस से एकमत होती नहीं दिख रही हैं। पांच घंटे तक एसटीएफ ने उससे पूछताछ की। एसटीएफ को इस पर संशय है कि जीतू ने ही इंस्पेक्टर को गोली मारी। फिलहाल ऐसे पुख्ता सुबूतों के सामने न आने की बात कही जा रही है। जम्मू में सेना द्वारा की गई पूछताछ में भी इसी तरफ इशारा किया गया था।

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आरोपी जितेंद्र मलिक - फोटो : अमर उजाला

स्याना की चौकी चिंगरावठी पर हुए बवाल के जांच एसआईटी कर रही है। इसमें स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी।  वहीं, बुलंदशहर पुलिस ने दावा किया था कि फौजी जितेंद्र कुमार उर्फ जीतू ने इंस्पेक्टर को गोली मारी थी। जीतू को जम्मू से गिरफ्तार कर मेरठ लाया गया और पूछताछ की गई। एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह समेत एसआईटी के अधिकारी भी पूछताछ में शामिल रहे। पुलिस लाइन स्थित एसटीएफ कार्यालय में फौजी से पांच घंटे तक चली पूछताछ के दौरान ही वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी गहराई से परखा गया।

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bulandshahr violence - फोटो : ani

फिलहाल जांच एजेंसियां बुलंदशहर पुलिस के इस दावे पर संशय कर रहीं हैं कि जीतू ने ही इंस्पेक्टर को गोली मारी। सामने आ रहा है कि चिंगरावठी चौकी पर जब गोकशी के शक में भीड़ हंगामा कर जाम लगा रही थी तो उस समय जीतू फौजी मौके पर था। वीडियो फुटेज की जांच में यही सामने आया कि फौजी भीड़ का हिस्सा था। उसके बाद धरना प्रदर्शन के बाद चौकी में तोड़फोड़ हुई और आगजनी कर दी गई। जिस दौरान सिर के पास गोली लगने से इंस्पेक्टर की मौत हो गई।

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bulandshahr violence - फोटो : अमर उजाला

इस बवाल में चिंगरावठी निवासी छात्र सुमित की भी गोली लगने से मौत हुई थी। अब यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इंस्पेक्टर को जीतू ने गोली मारी या किसी अन्य ने।  उसके द्वारा फायरिंग करने के सुबूतों पर भी संशय है।  बुलंदशहर पुलिस इसी दावे के साथ जीतू का वारंट लेकर जम्मू पहुंची थी और उसे वहां से लाया गया। जीतू के परिजनों के मुताबिक वहां सेना ने भी उससे पूछताछ की और यही सामने आया कि जीतू ने गोली नहीं चलाई।

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bulandshahr violence - फोटो : अमर उजाला

डेढ़ घंटे में 50 बार देखी बवाल की वीडियो
एसटीएफ के अधिकारियों ने चिंगरावठी चौकी पर हुए बवाल की कई वीडियो देखीं। इनमें दो महत्वपूर्ण वीडियो एसटीएफ के पास हैं। फोरेंसिक लैब से भी इनकी जांच कराई जा रही है। जिसमें एक युवक पर भी शक है कि शायद उसने गोली चलाई। उस वीडियो को एसटीएफ ने जितेंद्र उर्फ जीतू को भी दिखाया, जिसमें यह बताया गया कि वह युवक जीतू नहीं बल्कि दूसरा युवक है।

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