फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi SIR 728 names missing from voters list and parties ranging from AAP to Congress raise questions

दिल्ली एसआईआर: ड्राफ्ट सूची से 47.6 लाख नाम बाहर, बूथ-38 में सिर्फ एक; आम जनता से विपक्ष तक ने क्या कहा

Thu, 24 Sep 2026 08:39 AM IST
अनुज कुमार ज्योति सिंह, प्रवीण कुमार, अमर उजाला, दिल्ली
ज्योति सिंह, प्रवीण कुमार, अमर उजाला, दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 24 Sep 2026 08:39 AM IST
सार

दिल्ली में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 38 पर 729 में से 728 मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से गायब मिले हैं। एसआईआर को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार सरकार और निर्वाचन आयोग पर हमलावर हैं। 

विज्ञापन
Delhi SIR 728 names missing from voters list and parties ranging from AAP to Congress raise questions
दिल्ली में एसआईआर पर सियासत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटने का मामला सामने आया है। चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर-38 में भी इसका असर दिखा है। बूथ के अंतर्गत आने वाले शिव मंदिर बागीची तेजपाल, दरियागंज और जेजे बेला एस्टेट, विजय घाट इलाके में 2025 की मतदाता सूची में दर्ज 729 मतदाताओं में से एसआईआर की मसौदा सूची में सिर्फ एक नाम बचा है। लोगों के मुताबिक, शेष 728 मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं।

विज्ञापन


स्थानीय हनुमान मंदिर के महंत कंचन गिरि का नाम ही मसौदा सूची में दर्ज मिला है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इन इलाकों में रह रहे हैं और लगातार चुनावों में मतदान करते आए हैं। इसके बावजूद कई मतदाताओं के नाम के सामने उन्हें मृत या पलायन कर चुका बताया गया है। नाम हटने के बाद स्थानीय लोग अब दोबारा फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा रहे हैं। 

विज्ञापन

जमीन और रोजगार छिने, अब मतदाता सूची से नाम बाहर
35 वर्षीय रेखा ने बताया कि उनका जन्म और विवाह इसी इलाके में हुआ। उनके अनुसार, एनजीटी के आदेश के बाद इलाके से लोगों की जमीन और घर चले गए तथा कई परिवारों का रोजगार भी प्रभावित हुआ। अब एसआईआर की सूची में नाम नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मृत और कुछ को पलायन कर चुका बताया गया है, जबकि वे अब भी यहीं रह रहे हैं।

-37 वर्षीय लालचंद ने बताया कि वर्ष 2002 में उनका घर टूट गया था, लेकिन उनके माता-पिता यहीं रहे। उनका कहना है कि परिवार 2002 से लगातार मतदान करता आया है। उन्होंने कई बार शिकायत की और अब दोबारा एसआईआर के लिए प्रक्रिया पूरी की है।

80 साल की उम्र में भी नाम का इंतजार
80 वर्षीय रामचरण ने बताया कि उन्होंने अपना पहला वोट पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय डाला था। इसके बाद कई चुनावों में मतदान किया। उनके पास वर्ष 2002 के दस्तावेज भी हैं। उनका कहना है कि एसआईआर के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन के लिए विभागीय कर्मचारी इलाके में आए थे। उन्हें उम्मीद है कि सत्यापन के बाद उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो जाएगा।
-75 वर्षीय दुलारी ने कहा कि उनके परिवार की चौथी पीढ़ी यहां रह रही है। उनके पूर्वज खेती करते थे, लेकिन बाढ़ के खतरे के कारण बाद में खेती बंद हो गई। अब मतदाता सूची से नाम हटने के बाद परिवार अपने राजनीतिक और नागरिक अस्तित्व को लेकर सवाल उठा रहा है।

विज्ञापन

47 लाख नाम बाहर, 24 दिन में आए सिर्फ एक लाख दावे
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 47.6 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद नाम दोबारा जुड़वाने के लिए अब तक आए आवेदन इस संख्या की तुलना में बेहद कम हैं। 30 अगस्त को ड्राफ्ट जारी होने के बाद 24 दिनों में करीब एक लाख लोगों ने फार्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया है। दावा दाखिल करने के लिए अब केवल छह दिन बाकी हैं।

जून की मतदाता सूची में दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे, जबकि एसआईआर ड्राफ्ट में करीब 97.5 लाख नाम रखे गए हैं। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट में नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक फार्म-6 और जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को प्रकाशित होनी है। कम दावों की संख्या एसआईआर प्रक्रिया में सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, अंतिम छह दिनों में आवेदन बढ़ सकते हैं। इसलिए अभी यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि ड्राफ्ट से बाहर हुए सभी लोग नाम दोबारा जुड़वाने के इच्छुक नहीं हैं। कुछ लोग प्रक्रिया से अनजान हो सकते हैं या उनके नाम दूसरे कारणों से ड्राफ्ट में शामिल नहीं हुए हों। एसआईआर ड्राफ्ट से पहले ही निर्वाचन कार्यालय को 2,14,534 फार्म-6 मिल चुके थे। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि इनमें से कितने आवेदकों के नाम ड्राफ्ट में शामिल हुए और कितने आवेदन लंबित हैं।

विज्ञापन

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
नाम बाहर होने को लेकर आप और कांग्रेस ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा है कि डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियां हटाई गई हैं और पात्र मतदाताओं को दावा करने का अवसर दिया गया है।

एसआईआर को लेकर सियासत तेज, सीजेपी भी विरोध में
एसआईआर को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार सरकार और निर्वाचन आयोग पर हमलावर हैं। कांग्रेस की ओर से एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन भी किया जा चुका है। अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) भी विरोध के मैदान में उतरने की तैयारी में है।

सीजेपी बृहस्पतिवार को अपनी रणनीति का एलान कर सकती है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है। यह घोषणा ऐसे समय में होने जा रही है, जब निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर एक रिपोर्ट के बाद सवाल उठाए जा रहे हैं।

तीन साल पुरानी मतदाता सूची बहाल हो : केजरीवाल
नई दिल्ली।  आम आदमी पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला तेज कर दिया है। अरविंद केजरीवाल ने एसआईआर रद्द कर तीन साल पुरानी मतदाता सूची बहाल करने, ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की। उन्होंने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत हाल के विधानसभा चुनाव दोबारा कराने की भी मांग की। 

सीईसी के खिलाफ युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग
भारतीय युवा कांग्रेस ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ता आईवाईसी कार्यालय से चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed