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दिल्ली: डीटीसी बस हड़ताल पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और परिवहन निगम से पूछा- अब तक एस्मा क्यों नहीं लगाया
Thu, 24 Sep 2026 07:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 24 Sep 2026 07:03 AM IST
सार
अदालत ने दिल्ली सरकार और दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) से पूछा कि हड़ताल कर रहे बस चालकों के खिलाफ आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) के प्रावधान क्यों नहीं लागू किए गए।
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दिल्ली हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
राजधानी में डीटीसी बस कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। अदालत ने दिल्ली सरकार और दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) से पूछा कि हड़ताल कर रहे बस चालकों के खिलाफ आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) के प्रावधान क्यों नहीं लागू किए गए।
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मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में हड़ताल के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रभावित होने का मुद्दा उठाया गया था। डीटीसी की ओर से पेश अधिवक्ता अवनीश अहलावत ने अदालत को बताया कि ड्राइवरों का कोई यूनियन नहीं है। कुछ लोग व्हाट्सएप संदेशों के जरिए हड़ताल का आह्वान कर रहे हैं और बसों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य करने के लिए डीटीसी ने कदम उठाए हैं और करीब 96 फीसदी बसें सड़कों पर वापस आ गई हैं। एस्मा लागू करने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है।
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अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए दिल्ली सरकार को कानून के अनुसार एस्मा लागू करने पर निर्णय लेने को कहा। खंडपीठ ने उम्मीद जताई कि सरकार मामले की समीक्षा कर आवश्यक फैसला करेगी, ताकि डीटीसी बसों का संचालन जारी रहे। अदालत ने यह भी कहा कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर याचिकाकर्ता दोबारा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। डीटीसी बस चालक, कंडक्टर और अन्य कर्मचारी 15 सितंबर से वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।
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ऑटो, कैब, रैपिडो और मेट्रो के भरोसे यात्री
दिल्ली में बस चालकों की हड़ताल को एक सप्ताह पूरा होने को है। बसें कम चलने से यात्रियों को अब मंजिल तक पहुंचने के लिए ऑटो, कैब, रैपिडो और मेट्रो का सहारा लेना पड़ रहा है। अमर उजाला की बुधवार की लाइव पड़ताल में सामने आया कि बस पास होने के बावजूद यात्रियों का रोज का सफर महंगा हो गया है। बस स्टैंड और टर्मिनल पर यात्री निर्धारित रूट की बस का इंतजार करते रहे। 10-15 मिनट तक बस नहीं आने पर कई लोगों ने मोबाइल से रैपिडो और कैब बुक की, जबकि कुछ ऑटो की तलाश में सड़क की ओर निकल गए। लंबे रूट पर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
भीड़ बढ़ी तो डीएमआरसी ने मेट्रो के बढ़ाए फेरे
डीटीसी बस चालकों की हड़ताल के बाद दिल्ली मेट्रो में बढ़ी यात्रियों की संख्या को देखते हुए डीएमआरसी ने 16 सितंबर से जरूरत के अनुसार अतिरिक्त फेरे शुरू किए हैं। 16 सितंबर को आठ अतिरिक्त ट्रेनें लगाकर 20 फेरे, 17 सितंबर को आठ ट्रेनें लगाकर 32 फेरे और 21 सितंबर को 10 ट्रेनें लगाकर 44 अतिरिक्त फेरे कराए गए। 22 सितंबर को भी 10 अतिरिक्त ट्रेनें लगाकर 39 फेरे किए गए। 17 सितंबर को रिकॉर्ड 82,44,903 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। यात्रियों की सुविधा के लिए 40 से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी और करीब 17 अतिरिक्त टिकट काउंटर भी लगाए गए हैं।