बुलंदशहर के स्याना बवाल में सुमित की मौत के मामले में उसके पिता के बाद अब मां ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की चेतावनी दी है। महिला आयोग को पत्र भेजकर मृतक की मां ने कहा है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।
बुलंदशहर हिंसाः सुमित के पिता के बाद अब मां ने दी मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की चेतावनी
महिला आयोग को भेजे पत्र में चिंगरावठी निवासी गीता देवी पत्नी अमरजीत सिंह ने लिखा है कि बीते तीन दिसंबर को स्याना की चिंगरावठी चौकी पर पुलिस व कुछ लोगों के बीच गोकशी को लेकर हंगामा हो रहा था। एक हिंदूवादी संगठन के लोग गोवंशों के अवशेषों को ट्रैक्टर ट्राली पर लादकर सड़क पर जाम लगा प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पीड़िता का पुत्र अपने पिता के साथ अपने दोस्त को बस स्टैंड पर छोड़ने गया था। तभी पुलिस की तरफ से हुई फायरिंग में उनके पुत्र को सीने में गोली लगी थी।
हायर मेडिकल सेंटर उपचार के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के मृतक पुत्र को भी बलवाई बना दिया और एफआईआर में नामजद कर दिया। पीड़ित परिजनों ने जब अपने पुत्र का अंतिम संस्कार करने से इंकार किया तो नेताओं, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने आर्थिक सहायता व मृतक का नाम एफआईआर से निकालने का आश्वासन दिया था।
लेकिन, घटना को 10 दिन से अधिक का समय बीत चुका है और पीड़ित परिजनों को आश्वासन के अलावा कोई मदद मुहैया नहीं कराई गई है। साथ ही पीड़िता का आरोप है कि न तो सरकार का कोई आदमी और न ही प्रशासन उनकी सुध लेने पहुंचा है। पीड़ित मां ने तंग आकर आगामी 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है। बता दें कि बीते दिनों सुमित के पिता ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर आगामी 18 दिसंबर को आत्मदाह की चेतावनी दी थी।
पुलिस ने स्याना क्षेत्र से दोनों आरोपियों को दबोचा
स्याना बवाल के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो अन्य नामजद आरोपियों को दबोच लिया, जबकि मुख्य आरोपी योगेश राज समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कई अन्य आरोपियों के बारे में इनपुट मिले हैं। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है। बीते तीन दिसंबर को स्याना की चिंगरावठी चौकी पर गोकशी के बाद हुए बवाल में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने बलवा, हत्या, हत्या की कोशिश आदि धाराओं में 27 नामजद समेत 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी।