भूखा पेट जो न करा दे, वो कम। बुधवार देर रात गोविंदपुरम में एक ऐसी ही घटना घटी, जो कानून की दृष्टि से अपराध थी, लेकिन मानवीय नजरिये से एक भूखे पेट की बेबस दास्तां। गरीबी में गुजर बसर कर रहे किशोर से जब भूखे पेट नहीं रहा गया, तो उसने दुकान का शटर तोड़ दिया और फिर जो हुआ वो सोच भी नहीं सकते आप...
किशोर से जब भूखे पेट नहीं रहा गया, तो उसने दुकान का शटर तोड़ दिया और अंदर घुसकर समोसे खाने लगा। गश्त करते पुलिसकर्मियों ने किशोर को पकड़ लिया। हालांकि दुकानदार के कार्रवाई न करने पर किशोर को चेतावनी देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मामला गोविंदपुरम एच-ब्लॉक का है। रात करीब दो बजे यहां लैपर्ड बाइक पर पुलिसकर्मी गश्त कर रहे थे। उन्होंने ब्लाक में संचालित एक मिठाई की दुकान का शटर खुला देखा।
पुलिसकर्मियों ने करीब जाकर देखा तो दुकान का शटर उखड़ा हुआ था। शटर नीचे न गिरे, इसलिए उसके नीचे ईंटें लगा दी गई थीं। दुकान के भीतर करीब 13 वर्षीय किशोर बैठा समोसे खा रहा था। पूछताछ की तो पता चला कि किशोर का परिवार बेहद गरीब है, जिस कारण उसे शाम का खाना तक नसीब नहीं हो पाया।
भूख बर्दाश्त नहीं हुई, तो दुकान का शटर तोड़ दिया। उसने खुद को गोविंदपुरम के पास स्थित मिसलगढ़ी का रहने वाला बताया। उसके पिता राज मिस्त्री हैं। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर दुकान मालिक को सूचना दी।
दुकानदार को जब सारी बात पता चली, तो उसने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। एसएचओ कविनगर राजकुमार शर्मा ने बताया कि किशोर के परिजनों को थाने बुलाया था। किशोर को चेतावनी देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।