गोविंदपुरी स्थित मंकी पार्क में शनिवार शाम गर्लफ्रेंड के सामने इंजीनियरिंग के छात्र की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल चाकू समेत तीन चाकू बरामद किए गए हैं। आरोपियों की पहचान सुरेंद्र उर्फ सोनी (31), संजय उर्फ गुड्डू उर्फ मॉच्चि (33), पवन कुमार (23) और राम बाबू उर्फ विशंभर (21) के रूप में हुई है। इनके पास से नरेश व उसकी गर्लफ्रेंड से लूटे गए दोनों मोबाइल और कानों की बालियां भी बरामद हुई है।
गर्लफ्रेंड के सामने हत्या : नहीं थी ये तत्काल योजना बल्कि थी एक सोची समझी साजिश
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पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी सुरेंद्र व संजय ने बताया कि वारदात वाले दिन वे चारों नशे की हालत में तुगलकाबाद फोर्ट की चोटी पर बैठे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रेमी युगल को पार्क में घुसते हुए देखकर लूट की योजना बनाई। विरोध करने पर उन्होंने नरेश कुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि वारदात के बाद नरेश की गर्लफ्रेंड आयशा ने पूछताछ में बदमाशों का हूलिया बताया। एसीपी कालकाजी आनंत मित्तल, एसएसओ गोविंदपुरी संजय भारद्वाज व स्पेशल स्टॉफ के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह की टीम ने बताए गए हूलिये के आधार पर सुरेंद्र उर्फ सोनी और संजय उर्फ गुड्डूू पर शक जताया।
सुरेंद्र उर्फ सोनी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई तो उसने वारदात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर बाकी तीनों आरोपियों को भी तुगलकाबाद विस्तार से दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि चारों नशे के आदी हैं। घटना वाले दिन वह तुगलकाबाद फोर्ट के ऊपर मौजूद थे। नरेश व आयशा को मंकी पार्क में घुसते देखकर उन्होंने लूटने की योजना बनाई। चारों दीवार फांदकर पार्क में पहुंच गए। बाद में उन्होंने नरेश व आयशा से लूटपाट शुरू की। विरोध करने पर उन्होंने नरेश के सीने में चाकू घोंप दिया। बाद में नरेश का पर्स, मोबाइल, आयशा के कानों की बालियां व उसका मोबाइल लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने लूटा गया माल बरामद कर लिया है। फिलहाल नरेश का पर्स बरामद नहीं हो सका है।
पत्नी के बर्थडे गिफ्ट देने के लिए की वारदात
आरोपी सुरेंद्र उर्फ सोनी ने अपनी पत्नी को बर्थडे में सोने का गिफ्ट देने के लिए लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। 13 जनवरी को जिस दिन बदमाशों ने नरेश की हत्या की, उसी दिन सुरेंद्र की पत्नी का जन्मदिन था। इधर, पिछले काफी समय से उसके पास रोजगार भी नहीं था। ऐसे में उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी। इसलिए उसने संजय व बाकी साथियों के साथ मिलकर लूटपाट की । वहीं संजय को अपने केस की सुनवाई के दौरान वकील की फीस के लिए रुपयों की जरूरत थी। बाकी दोनों आरोपी पवन व रामबाबू पहली बार किसी वारदात में शामिल रहे हैं।
कई डांस प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुका है सुरेंद्र
सुरेंद्र ने दावा किया है कि उसने दिल्ली व दूसरे राज्यों में आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर इनाम जीते हैं। 12वीं पास करने के बाद सुरेंद्र ने जेल में रहते हुए इग्नू से ग्रेजुएशन भी किया है। दरअसल सुरेंद्र व संजय एक मामले में करीब 730 दिन तिहाड़ जेल में बंद रहे थेे। उस दौरान सुरेंद्र ने तिहाड़ जेल में हुई प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया । सुरेंद्र ने बताया कि उसकी विधवा मां व पत्नी कमाकर लाते हैं, लेकिन उसके पास कोई रोजगार नहीं था। इसलिए भी वह वारदातों को इंजाम दे रहे थे।