गांव खेड़ी गुजरान स्थित एक स्क्रैप फैक्ट्री में सेना के कबाड़ से एल्यूमीनियम व कास्ट आयरन निकालने के दौरान हुए विस्फोट में वहां काम कर रहे दो लोगों के चीथड़े उड़ गए। मृतकों की पहचान फैक्ट्री मालिक उदयभान और उसके कर्मचारी छोटू के रूप में हुई है। धमाका इतना जबरदस्त था कि उदयभान का शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर जाकर गिरा।
गणतंत्र दिवस से पहले हुआ NCR में पहला विस्फोट, दो की गई जान
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सूचना मिलने पर सेक्टर-55 थाना पुलिस के अलावा बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम व क्राइम ब्रांच भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने वहां मौजूद फैक्ट्री के दूसरे मालिक जावेद व तीन अन्य कर्मचारियों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पुलिस जांच में जावेद ने बताया है कि उसने पांच दिन पूर्व ही यह कबाड़ नीलामी के माध्यम से खरीदा था।
तालाब रोड, ओल्ड फरीदाबाद निवासी जावेद मलिक ने सुभाष कॉलोनी, बल्लभगढ़ निवासी उदयभान के साथ करीब चार माह पहले ही गांव खेड़ी गुजरान में स्क्रैप का काम शुरू किया था। दोनों हरिद्वार की सेंचुरी कंपनी से स्क्रैप लेते थे। स्क्रैप में सेना के इस्तेमाल किए हुए ग्रेनेड, लॉचर, मोर्टार आदि बेकार हो चुके विस्फोटक भी होते थे। ये लोग उन्हें यहां गलाकर उसमें से एल्यूमीनियम व कास्ट आयरन निकालकर बेचते थे।
बुधवार दोपहर फैक्ट्री के पास जंगल में उदयभान व कर्मचारी छोटू एक मोर्टार को तोड़ रहे थे, जबकि चार अन्य कर्मचारी गोल्डी, राजू, पप्पू व विनोद भी उनसे कुछ दूरी पर ही अलग-अलग काम कर रहे थे। अचानक जोरदार धमाका हुआ और धूल का गुब्बार उठा। धूल छटी तो मौके पर छोटू के चीथड़े पड़े थे। यह देखकर वहां चीख पुकार मच गई। धमाके की आवाज सुनकर कुछ ही देर में गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान उदयभान का शव मौके से करीब 500 मीटर दूर पड़ा था। दोनों की हालत यह थी कि पुलिस ने उनके शव बोरे में भरकर ले गई। बम निरोधक दस्ते व फोरेंसिक टीम ने मौके पर मौजूद विस्फोटक के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा है। धौज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जगमाल सिंह के अनुसार जावेद के खिलाफ लापरवाही व विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।