भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आगाह किया है कि प्लास्टिक या लैमिनेशन वाले आधार स्मार्ट कार्ड के कारण आप मुसीबत में फंस सकते हैं।
सावधान! प्लास्टिक आधार कार्ड है खतरनाक, इन 3 तरीकों से अपने जेब में रखें आधार
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अनधिकृत वेंडरों से प्रिंटिंग कराने से आधार का क्विक रेस्पांस(क्यूआर) कोड काम करना बंद कर सकता है। साथ ही आधार कार्ड में दर्ज व्यक्तिगत सूचनाएं चोरी हो सकती हैं।
यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा, आधार स्मार्ट कार्ड की अनधिकृत प्रिंटिंग पर 50-300 रुपए खर्च आता है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि आधार लेटर व इसका कटा हुआ हिस्सा पूरी तरह वैध हैं। आधार कार्ड डाउनलोड कर साधारण कागज पर लिया प्रिंट या मोबाइल आधार भी मान्य है।
हो सकती है जेल
आधार को लैमिनेशन करवाने या उसे प्लास्टिक पर प्रिंट करवाने के लिए किसी अनधिकृत एजेंसी से निजी जानकारी साझा न करें। लोगों से आधार से जुड़ी जानकारी जुटाने व अनधिकृत प्रिंटिंग करने वाली एजेंसियों को जेल की सजा भी हो सकती है।
महज दुरूपयोग की आशंका पर किसी कानून को असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
आधार मामले की सुनवाई के दौरान संविधान पीठ ने मंगलवार को कहा कि किसी भी कानून को महज इसलिए असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता कि उसका दुरूपयोग हो सकता है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ऐसे आदेशों की भरमार है जब यह कहा गया है कि सिर्फ दुरूपयोग होने की आशंका केआधार पर किसी कानून को असंवैधानिक या गैरकानूनी नहीं ठहराया जा सकता।