गौतम बुद्ध नागर जिला उपभोक्ता फोरम ने पेप्सी निर्माता कंपनी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एक खरीदार ने कंपनी के खिलाफ फोरम में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। आरोप था कि जिस पेप्सी की बोतल को कंपनी ने तैयार किया, उसमें कांच का टुकड़ा था। इससे अनहोनी हो सकती थी। फोरम ने अप्रत्यक्ष रूप से खरीदार को कंपनी का उपभोक्ता मानकर आदेश दिया है।साकीपुर गांव निवासी धर्मेंद्र ने जिला उपभोक्ता फोरम में प्रार्थना पत्र दाखिल किया और उपभोक्ता की सेवा में कमी का आरोप लगाकर सेक्टर इकोटेक-तीन स्थित वरुणा वेवरेजिस लि., गुरुग्राम स्थित पेप्सिको इंडिया और सेक्टर बीटा वन के सबका बाजार को चुनौती दी।
सावधान! अगर आप पेप्सी पीने के शौकीन हैं तो जरुर पढ़ें ये खास खबर
वरुणा कंपनी पेप्सी निर्माता है। धर्मेंद्र के अधिवक्ता संजीव सिंह ने बताया कि 12 जून, 2013 को उसने सेक्टर बीटा वन स्थित सबका बाजार से पेप्सी की बोतल खरीदी थी। घर पर रिश्तेदारों को देने के लिए जब उसे खोलने लगा तो देखा कि बोतल के अंदर कोई वस्तु है। उसने बोतल नहीं खोली और वापस सबका बाजार पहुंचा। यहां कर्मचारियों ने बोतल लेने से इंकार कर दिया। कहा कि यहां पेप्सी नहीं बनती है। इसके बाद धर्मेन्द्र ने पेप्सिको और वरुणा वेवरेजिस को कानूनी नोटिस भेजा। फोन से भी सूचना दी, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
विपक्षियोंने जवाब देकर वाद को बताया अपोषणीय
वरुणा ने फोरम में जवाब दाखिल किया और कहा कि धर्मेंद्र ने ऐसा कोई साक्ष्य नहीं दिया है, जिससे यह साबित हो सके कि उस पेप्सी की बोतल की निर्माता कंपनी है। कोई हानि भी नहीं हुई है। यह सेवा में कमी नहीं है। कंपनी सामान वापस करने या पैसा वापस करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। बोतल की पैकिंग के समय साफ-सफाई व गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता है। सबका बाजार से बोतल खरीदने का कोई साक्ष्य भी नहीं है।
वहीं, पेप्सिको ने जवाब दिया कि वे पेप्सी ब्रांड के शीतल पेय पदार्थ के निर्माता नहीं है। पेप्सी की बोतल उनकी संपत्ति भी नहीं है। उधर, सबका बाजार ने जवाब में कहा कि बोतल खरीदार को किसी तरह की क्षति या हानि नहीं हुई है। उन्होंने कंपनी का पेय रिटेल के रूप में प्राप्त किया है। उनके यहां पर ना पेप्सी बनती है और न ही पैकिंग होती है। तीनों विपक्षियों ने वाद को अपोषणीय बताया और खारिज करने की मांग की।
निर्माता कंपनी को देना होगा 5000 का जुर्माना
सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता फोरम ने पेप्सिको इंडिया व सबका बाजार के खिलाफ प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है, लेकिन पेप्सी निर्माण वरुणा की सेवा में कमी मानी है। फोरम ने माना कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि धर्मेंद्र उपभोक्ता नहीं है, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से वह शीतल पेय पदार्थ पेप्सी का उपभोग करने वाले उपभोक्ता की श्रेणी में आएंगे। वरुणा वेवरेजिस को 30 दिन के अंदर 5000 रुपये जुर्माना देना होेगा।