फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों को सर्दी में ठिठुरना पड़ सकता है। सरकारी स्कूलों में 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म खरीद की राशि सीधे बैंक अकाउंट ट्रांसफर की ओर से दी जाती है, लेकिन 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों का बैंक अकाउंट डेटा अपडेट ही नहीं है। ऐसे में इन विद्यर्थियों को सर्दी में जूते-वर्दी खरीद के लिए आर्थिक मदद मिलने में समस्या हो सकती है।
लापरवाही: क्या सर्दी में ठिठुरते हुए स्कूल जाएंगे 20 हजार नौनिहाल?
जिले के दोनों खंड में से फरीदाबाद में 178 राजकीय व 443 निजी स्कूल हैं। बल्लभगढ़ खंड के 202 राजकीय व 646 निजी स्कूल हैं। इसमें से सरकारी स्कूलों के प्राइमरी विंग में 71 हजार के करीब विदयार्थी हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशि अहलवात ने बताया कि सरकारी स्तर पर प्राइमरी स्कूलों में कुल 71 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से करीब 51 हजार का बैंक डाटा अपडेट कर दिया गया है। 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को डाटा अपडेट करने का काम चल रहा है। सरकारी स्कूल अध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द वह बाकी बचे विद्यार्थियों का डाटा भी अपडेट कर दें।
कक्षा पहली से 5वीं तक मिलते हैं 800 रुपये
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा पहली से 5वीं तक के विद्यार्थियों को सीधे बैंक ट्रांसफर से 800 रुपये की राशि दी जाती है। जिले के ज्यादातर प्राइमरी स्कूलों के डेटा ही पेंडिंग पड़ा है। ऐसे में इस सर्दी ज्यादा समस्या पहली से पाचवीं तक के विद्यार्थियों को ही होगी।
कक्षा 5वीं से 8वीं तक मिलते हैं एक हजार रुपये
नौनिहालों को डायरेक्ट बैंक अकाउंट ट्रांसफर के जरिए एक हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाती है। हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान चतर सिंह ने बताया कि 5वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को कम परेशानी है। ज्यादा परेशानी 5वीं तक के विद्यार्थियों को है। इन विद्यार्थियों को ज्यादा परेशानी है।
आधार कार्ड और बैंक बन रहे परेशानी
हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान चतर सिंह ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए सबसे अधिक परेशानी आधार कार्ड फिंगर प्रिंट न आने से परेशानी है। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों के नौनिहालों के आधार कार्ड दूसरे राज्यों के हैं। ऐसे में बैंक रिहाशी प्रमाण न होने के कारण इन बच्चों के खाते खोलने में काफी परेशानी करते हैं। अध्यापक आए दिन बच्चों को लेकर चक्कर काटते हैं। इसके अलावा 5वीं कक्षा तक के नौनिहालों के आधार कार्ड के लिए फिंगर प्रिंट नहीं मिलते। इससे भी परेशानी आती है। एसोसिएशन का कहना है कि जिला प्रशासन सभी बैंकों को निर्देश जारी कर अनिवार्य रुप से नौनिहालों के खाते खोलने के निर्देश जारी करे। इससे सरकारी स्कूलों के नौनिहालों को योजना का लाभ मिल सकेगा।