सेक्टर-8 निवासी बजरंग दल के कार्यकर्ता अजय चौधरी की गुरुवार रात गोली मारकर हत्या के बाद गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को पांच घंटे तक कोतवाली सेक्टर-20 पर कब्जा जमाए रखा। पुलिस अधिकारियों को थाने से बाहर नहीं निकलने दिया और थाने के सामने सड़क को जाम कर दिया। काफी संख्या में आए लोगों को जब समझाने के लिए एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे तो गुस्साए लोगों ने उन्हें भी घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ आरोपियों की गिरफ्तारी समेत अन्य मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की ओर से मुआवजे व आवास देने के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शाम करीब साढ़े चार बजे थाने से चले गए।
अजय हत्याकांड: कोतवाली सेक्टर-20 पर प्रदर्शनकारियों ने किया 5 घंटे तक कब्जा, देखें तस्वीरें
इधर, मामले में एसएसपी ने झुंडपुरा चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है और थानाध्यक्ष के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। गुरुवार रात को सेक्टर-8 निवासी अजय चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके भाई विजय चौधरी ने कोतवाली सेक्टर-20 में अशरफ उर्फ गटवा, जफर, सरताज, रफीक, सिताबू, जीतू यादव व दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने सिताबू, जफर व सरताज को गिरफ्तार भी कर लिया है। इलाके में तनाव को लेकर पुलिस ने पीएसी भी तैनात कर दी है।
सट्टे के विरोध पर हुई हत्या
परिजनों ने आरोप लगाया है कि अजय कई वर्षों से सट्टे, शराब व गांजे की बिक्री का विरोध कर रहा था। उसने कई बार पुलिस से शिकायत भी की थी। सट्टे का कारोबार करने वाले लोगों ने ही अजय की गोली मारकर हत्या की है। पुलिस के संरक्षण में सेक्टर-8 में सट्टा, गांजा व शराब का अवैध कारोबार हो रहा है। अजय इनका विरोध करता रहा। इस कारण अशरफ घर आया और अजय को अपने साथ ले गया था। घर से कुछ दूरी पर सेक्टर-8 में ही जफर, सरताज, जीतू, रफीक, सिताबु और अन्य 2 लोग मौजूद थे। इन लोगों ने मिलकर अजय पर 4 गोली चलाईं जिससे उसकी मौत हो गई।
दहेज हत्या का आरोपी था अजय
पुलिस के मुताबिक, अजय की पत्नी की मौत डेढ़ साल पहले संदिग्ध हालात में हो गई थी। इस मामले में पत्नी के घरवालों ने अजय व परिजनों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अजय को थाना सेक्टर-20 पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ माह पहले ही जमानत पर वह रिहा हुआ था। गुरुवार को उसकी दहेज हत्या के मुकदमे में जिला अदालत में पेशी थी। पेशी से वह शाम को ही लौटा था।
इन मांगों को लेकर सड़क पर उतरे लोग
- परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले।
- मृतक के परिजन को नौकरी दी जाए।
- आरोपियों पर रासुका एक्ट के तहत कार्रवाई हो।
- आरोपी पुलिसकर्मियों व थाना प्रभारी को तुरंत सस्पेंड किया जाए।
- मृतक के परिवार को नोएडा में आवास दिलाया जाए।
चौकी प्रभारी निलंबित, एसएचओ के खिलाफ जांच के आदेश
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि मामले में चौकी प्रभारी जैनेंद्र तोमर को निलंबित कर दिया गया है। एसएचओ के खिलाफ जांच कराई जा रही है। तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
कोतवाली बनी छावनी
आक्रोशित लोग शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जैसे ही कोतवाली सेक्टर-20 के पास पहुंचे तो पुलिसकर्मी असहज हो गए। इसके बाद आनन-फानन में पांच थानों की पुलिस बुलाई गई। शहर के सभी कोतवाल सेक्टर-20 पहुंच गए। सीओ फर्स्ट के अलावा सीओ टू राजीव कुमार भी पहुंचे। वहीं, एसपी सिटी व सिटी मजिस्ट्रेट भी आए। अधिकारियों ने कई घंटे तक बजरंग दल के नेताओं से बातचीत की।