2014 के लोकसभा(Lok Sabha Election 2014) चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) से करारी शिकस्त खाने के बाद अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal) ने 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) में नहीं उतरने का फैसला किया है। केजरीवाल न सिर्फ वाराणसी से बल्कि कहीं से भी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके पीछे एक खास वजह है जिसका खुलासा आप के राज्यसभा सांसद और पार्टी की यूपी इकाई के अध्यक्ष संजय सिंह ने किया है।
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आप के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह
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संजय सिंह ने बताया कि इस बार आप संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे बल्कि किसी मजबूत प्रत्याशी को खड़ा किया जाएगा। इसकी वजह है दिल्ली। संजय सिंह ने बताया कि उनकी पार्टी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गोवा और चंडीगढ़ की सभी लोकसभा सीटों पर जबकि उत्तर प्रदेश की कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
संजय सिंह ने अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए कहा कि, वह दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं और अपने राज्य पर विशेष ध्यान देना चाहते हैं। दिल्ली सरकार इस समय दिल्लीवासियों की बेहतरी के लिए काम कर रही है ऐसे में केजरीवाल नहीं चाहते कि किसी भी वजह से वह काम प्रभावित हो। वह सिर्फ दिल्ली में अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
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kejriwal modi
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संजय सिंह ने बताया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, बिजली, पानी की प्राथमिकताओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी राष्ट्रीय राजनीति में जाएगी तो सभी के लिये शिक्षा, कमजोर तबकों को निःशुल्क शिक्षा, बेरोजगारी खत्म करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कराने के मुद्दे लेकर जनता के बीच जाएंगे।
गौरतलब है कि 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराने के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल 2014 लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़े थे जहां उनकी करारी हार हुई थी। वहीं वाराणसी में चुनाव प्रचार के दौरान भी उनपर अंडों, इंक आदि से हमला किया गया था। इस बार आम आदमी पार्टी ने अकेले ही चुनाव लड़ने का फैसला किया है।