राजधानी में खतरनाक प्रदूषण ने स्वास्थ्य की इमरजेंसी लगा दी है। लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजूबर हैं। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 494 दर्ज किया, जोकि अति गंभीर श्रेणी में है। यह इस सीजन का सबसे अधिक एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं, रविवार की तुलना में 53 सूचकांक अधिक है।
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दिन भर रही स्मॉग की चादर
- फोटो : अमर उजाला
उधर, अशोक विहार, बवाना, द्वारका सेक्टर आठ समेत 12 इलाकों में एक्यूआई 500 दर्ज किया गया। पालम एयरपोर्ट पर घना से कोहरा छाया रहा। यहां सुबह साढ़े सात बजे दृश्यता 100-150 मीटर दर्ज की गई। सफदरजंग एयरपोर्ट पर भी दृश्यता 150 मीटर दर्ज की गई। जोकि शाम पांच बजे सफदरजंग में 200 मीटर और पालम में 700 मीटर दृश्यता रिकॉर्ड की गई। इससे सड़कों पर आवाजाही पर असर पड़ा।
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दिन भर रही स्मॉग की चादर
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मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए घने से घना कोहरा छाने की आशंका जताई है। ऐसे में लोगों से सावधानी से वाहन चलाने के लिए आग्रह किया है। विभाग के मुताबिक, सोमवार दिन भर दृश्यता कम होने और घने कोहरे से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई। वहीं, दिन में कायदे से धूप भी नहीं निकली। इससे लोगों को सुबह-शाम के साथ दिन में भी ठंड का अहसास हुआ।
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दिन भर रही स्मॉग की चादर
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पहली बार अति गंभीर हुई हवा
मौसमी दशाओं के खराब होने से कोहरे के साथ प्रदूषकों के मिलने से दिल्ली में दिन भर स्मॉग की चादर छाई रही। इससे लोगों को दूर तक देखने में परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन भी कोहरे की बीच ओझल दिखे।
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दिन भर रही स्मॉग की चादर
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय क्षेत्र में पश्चिम विक्षोभ सक्रिय है। इसकी वजह से हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने लगी है। इससे बाहरी राज्यों के प्रदूषकों के साथ स्थानीय प्रदूषण हावी रहा। इस दौरान सतह पर चलने वाली हवाओं की गति भी धीमी रही। इससे प्रदूषक दूर तक नहीं फैल सके और दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया।