पिता के पार्थिव शरीर को एक ओर अधिकारी श्रद्धांजलि दे रहे थे। वहीं, दूसरी ओर मृतक इंस्पेक्टर के छोटे पुत्र अभिषेक का दर्द छलक पड़ा। कहा कि उनके पिता उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाना चाहते थे। वो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा नहीं चाहते थे, कथित गोकशी की घटना ने आज उनके पिता की जान ले ली। अब आप ही बताइए, कल किसके पिता की जिंदगी जाने वाली है?
बुलंदशहर बवाल: आज मेरे पिता हुए शहीद, कल किसके पिता की होगी मौत: अभिषेक
स्याना में हुए बलवे के बाद इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर को मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन परिसर लाया गया। जहां, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान इंस्पेक्टर के परिजन व नाते रिश्तेदार भी वहां मौजूद रहे। श्रद्धांजलि के बाद मृतक इंस्पेक्टर के छोटे पुत्र अभिषेक ने मीडिया से बातचीत की।
साथ ही एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया, जिसका जवाब दे पाना शायद ही किसी के बस की बात हो। जिस पिता के साथ जीवन में ऊंचाईयों के फासले तय करने का सपना देखा था, आज उसी पिता को कंधा देते वक्त बेटों के कलेजे फफक रहे थे।
उनकी आंखे और जुबां पर केवल सवाल ही थे। जो पिता बिसाहड़ा कांड में जांबाजी दिखा गया और दो बार पहले अपने शरीर पर फर्ज अदा करते गोली खा गया हो, उसका यूं जाना उन्हें कचोट रहा था। बेटों के सवाल पर हर कोई मौन था, बस आंखों से आंसू छलक रहे थे।
एसएसपी का नहीं मिल रहा फोन
स्याना में हुए बवाल के बाद से ही एसएसपी केबी सिंह मीडिया से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। सोमवार से ही उनका सीयूजी नंबर बार-बार ऑन-आफ हो रहा है।
परिजनों के कहने के बाद लपेटा गया तिरंगा
सूत्रों की मानें तो पुलिस अफसरों ने मृतक इंस्पेक्टर का शव श्रद्धांजलि के दौरान तिरंगे में नहीं लपेटा था। जिसके बाद परिजनों ने आपत्ति जताई और आनन-फानन में तिरंगे से इंस्पेक्टर के शव को लपेटा गया। इसके बाद ही पार्थिव शरीर को पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया। हालांकि इस बाबत अधिकारी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।