स्याना में हुए बवाल के मामले में पुलिस टीमों ने देर रात तक दबिशों का दौर जारी रहा। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी बजरंग दल के जिला संयोजक समेत अन्य दंगाइयों की तलाश ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रही हैं। दबिश के दौरान पुलिस पर कई घरों में तोड़फोड़ करने का आरोप है। उधर, मंगलवार को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन में सलामी दी गई। बलवे में मृत युवक के परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद देरशाम को अंतिम संस्कार किया गया। स्याना की चिंगरावठी चौकी में सोमवार को हुए बलवे के बाद मंगलवार को मृतक युवक सुमित के परिजनों ने पुलिस पर सुमित की हत्या करने का आरोप लगाया है। सुमित के पिता अमरजीत सिंह ने कहा है कि वह और उनका पुत्र चिंगरावठी चौकी के पास उसके दोस्त को छोड़ने के गए थे। वहां गौकशी को लेकर हंगामा चल रहा था।
बुलंदशहर बवाल: चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी बजरंग दल का संयोजक फरार
इसी दौरान पुलिस की तरफ से चली गोली उसके लग गई। अब परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जबकि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही चौकी इंचार्ज की तहरीर के आधार पर देर रात 27 लोगों को नामजद कर व अन्य 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। वहीं, विभिन्न थानों की फोर्स के साथ देर रात पुलिस ने नया गांव, चिंगरावठी और महाब में देर रात आरोपियों के घरों पर दबिश दी।
इस दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों चमन, देवेंद्र निवासी गांव नया बांस व आशीष चौहान को दबोच लिया। जबकि, मुख्य आरोपी बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। बलवे में मृत युवक सुमित के परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने मांग है कि 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। परिवार में एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए। जब तक सरकार यह मांग पूरी नहीं करेगी। उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने परिजनों को पांच लाख रुपये देने की बात कही। उनकी अन्य मांगे शासन तक पहुंचाने का भी आश्वासन दिया। उसके बाद सुमित का अंतिम संस्कार किया गया।
विधायक बोले डीएम एसएसपी ने नहीं उठाया फोन
स्याना विधायक देवेन्द्र लोधी ने कहा कि पुलिस की लापरवाही से इतनी बड़ी घटना घटित हुई है। पुलिस की गोली लगने से पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या हुई है। पुलिस के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। एसएसपी और डीएम ने फोन नहीं उठाया। बाद में एसएसपी ने फोन और बंद कर दिया। कार्यकर्ता को परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग करेंगे।
पिता ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक सुमित के पिता अमरजीत सिंह ने मुआवजा और नौकरी के साथ घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना में आरोपी बनाए गए सुमित का नाम निकाला जाए।
दबिश से गांवों में दहशत, पुलिस ने की तोड़फोड़
चिंरावठी घटना में दर्ज की गई एफआईआर में 27 नामजद सहित तकरीबन 60 अज्ञात लोग हैं। 17 अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। छह टीम चिंगरावठी, महाब और नयागांव में दबिश में लगी हैं। दबिश के भय से गांव के पुरुष लगभग गायब हो गए हैं। महिलाएं और बुजुर्ग ही गांव में नजर आ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने गांवों में दबिश के दौरान घरों में जमकर तोड़फोड़ की है। आरोपी व अन्य पुरुष कहां है इसकी जानकारी न तो पुलिस को लग पा रही है और न ही कोई ग्रामीण किसी को जानकारी दे पा रहा है। फिलहाल पुलिस नामजद व अज्ञात की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।