दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी और संजय सिंह के साथ-साथ कुछ छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं सहित 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
राजनीतिक दल और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और अन्य छात्र संगठनों के सदस्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्थल पर किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
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आप सांसद संजय सिंह को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद हिरासत में लिया
पुलिस ने कहा कि उसने आप नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को नॉर्थ एवेन्यू में रोक दिया, जिससे वह प्रदर्शन स्थल की ओर नहीं बढ़ सके। भारद्वाज ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन्हें और झा को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आंदोलन जारी रखने और जंतर-मंतर पहुंचने का आग्रह किया।
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प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेती पुलिस
- फोटो : PTI
700 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि एसएफआई के करीब 700 कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की और उन्हें अशोका रोड गोलचक्कर पर रोक दिया गया, जिनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आप नेताओं, आइसा, एसएफआई और अन्य छात्र संगठनों सहित लगभग 700 प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर और उसके आसपास से हिरासत में लिया गया।
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एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : PTI
प्रदर्शन स्थल के आसपास इंटरनेट बंद
पहले एक अन्य अधिकारी ने बताया था कि करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं। पुलिस ने जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है और प्रदर्शनकारियों को स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर बैरिकेड लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के जवान भी बार-बार सार्वजनिक घोषणा कर रहे थे और लोगों से जंतर-मंतर पर इकट्ठा न होने के लिए कह रहे थे क्योंकि विरोध स्थल पर किसी भी सभा की अनुमति नहीं दी गई थी।
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महिला प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेती पुलिस
- फोटो : PTI
'अपराध रोकने में नाकाम दिल्ली पुलिस'
एसएफआई की महासचिव आइशी घोष ने कहा कि डीवाईएफआई और एसएफआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। घोष ने कहा कि दिल्ली पुलिस राजधानी में अपराधों को रोकने में सक्षम नहीं है, लेकिन जब ज्ञानेश कुमार जैसे किसी व्यक्ति की सुरक्षा की बात आती है, तो वे सड़कों पर उतर आते हैं।
उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र नहीं है। अगर पुलिस को लगता है कि वे हमें हिरासत में लेकर आंदोलन को रोक सकते हैं, तो हम उन्हें बताना चाहते हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।